कुंभ मेला एक ऐसा भव्य आयोजन है, जिसमें शामिल होने के लिए श्रद्धालु दुनिया के कोने-कोने से पहुंचते हैं। 2019 में संगम नगरी प्रयागराज में आस्था का ऐसा ही जमघट लगेगा, जिसे देखने के लिए न सिर्फ भारत बल्कि सात समंदर पार से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे। इस पावन कुंभ मेले की दिव्यता और भव्यता किसी से छिपी हुई नहीं है। इसलिए बढ़ती भीड़ को देखकर प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कई तैयारियां की हैं। अगर आप कुंभ मेले में जाने की सोच रहे हैं तो यह जानकारी आपके बहुत काम की है। आगे की स्लाइड क्लिक कर जानें आपातकालीन तैयारियांः-
कुंभ मेला क्षेत्र में जनसमूह का अत्याधिक दबाव बढ़ जाने या शहर के किसी एक भाग में कोई अनहोनी घटना घटित होने पर प्रशासन ने कई ऐसी व्यवस्थाएं बनाई हैं जिससे लोगों को आपात स्थिति में सहायता प्रदान की जा सके। जानिए क्या हैं ये योजनाएं-
मेला क्षेत्र के किसी एक भाग में श्रद्धालुओं का दबाव ज्यादा बढ़ जाने पर प्रशासन वहां से लोगों को दूसरे सेक्टर की तरफ डायवर्ट कर देगा। इसके लिए कई चरणों में योजनाएं बनाई गई हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए हर सेक्टर के लिए विशेष प्लान तैयार है।
ठीक ऐसी व्यवस्था शहर के लिए भी की गई है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन शहर में वाहनों का परिचालन मेले के दौरान सीमित रखेगा ताकि पैदल यात्रियों को कोई परेशानी न हो। हालांकि यह व्यवस्था आपातकालीन वाहनों पर लागू नहीं होगी।
कुंभ में स्वास्थ्य सेवाएं भी हाईटेक होंगी। आपात स्थिति में गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों को एयर एंबुलेंस की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। ‘बेड टू बेड’ अनुबंध के तहत चयनित कंपनी मरीज को कुंभ मेला क्षेत्र से लेकर लाइफ सपोर्ट के साथ दिल्ली या मुंबई के हायर सेंटर तक पहुंचाएगी। कंपनी को एयर एंबुलेंस मेला अवधि में बम्हरौली एयरपोर्ट पर तैनात रखनी होगी। आपात स्थिति में उड़ान भरने के लिए कंपनी एयरपोर्ट अथॉरिटी से खुद अनुमति लेगी।