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प्रयागराजः लॉकडाउन में भूखे-प्यासे 18 घंटे में 110 किलोमीटर पैदल चले
Fri, 17 Apr 2020 12:42 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 17 Apr 2020 12:42 AM IST
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lockdown in prayagraj
- फोटो : lockdown in prayagraj
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खमरिया के विनोद ने बताया कि वे फतेहपुर के एशिया कोल्ड स्टोरेज में काम करते हैं। लॉकडाउन में काम बंद हुआ तो मजदूरी ठप हो गई। जो जमा पूंजी थी, वह भी खत्म हो गई। अब पास में धेला नहीं है। किसी के पास सौ तो किसी के पास दो सौ रुपये ही बचे हैं। कोल्ड स्टोरेज के मालिक ने खाना तो छोड़िए, बकाया मजदूरी भी नहीं दी।
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रात करीब एक बजे बिहार में खमरिया निवासी पटरू चौधरी, मंटूल सदा, प्रेम कुमार, रनवीर, बंटी, रनधीर, बीरबल, छोटू राम, सोनू कुमार, धीरज, अंशुल इस पैदल जमात में शामिल रहे। उन्होंने बताया कि वह बुधवार सुबह सात बजे सत्तू और पानी पीकर पैदल निकले। कभी सड़क तो कभी रेलवे लाइन पकड़कर यहां तक पहुंचे हैं।
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- फोटो : lockdown in prayagraj
बिहारी युवा मजदूरों ने उम्मीद जताई कि किसी तरह काशी पहुंच जाएं तो शायद उन्हें घर तक जाने का साधन मिल जाए। वह ट्रक या मालगाड़ी पर बैठकर जाने की भी मंशा संजोए रहे। उनकी दास्तान सुनकर पुलिस वाले भी पसीज गए। एक सिपाही ने थानेदार को मामले की जानकारी दी। मजदूरों से कहा, स्टेशन या अल्लापुर शेल्टर होम चले जाओ।
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- फोटो : labour
रात के दो बज चुके थे, भूख प्यास से निढाल युवा मजदूरों के चेहरे पर तनाव भरी थकान उनके पांव रोक रही थी। पुलिस वालों ने उन्हें थाने का रास्ता बताकर अपनी ड्यूटी पूरी की फिर मंदिर के कोने पर लगी कुर्सी पर जाकर बैठ गए। मजदूरों ने रात 2.10 पर बालसन चौराहे की राह पकड़ी, वहां भी पुलिस ने उनसे तमाम सवाल जवाब किए फिर वे आगे के लिए पैदल ही रवाना हो गए।