बाढ़ राहत शिविरों में पहुंचे योगी आदित्यनाथ प्रदेश के मुखिया के साथ अभिभावक के रूप में भी नजर आए। बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उन्होंने भरोसा दिलाया कि बस कुछ दिनों का संकट है और दुख की इस घड़ी में वह उनके साथ हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस दौरान सरकार पीड़ितों हर तरह से मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने लोगों से राहत कार्यों तथा बाढ़ की बाबत जानकारी ली। साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों का भी हालचाल जाना। इस दौरान बच्चों के प्रति उनका विशेष स्नेह दिखा। उन्होंने पुचकारा और पीठ थपथपाई तो बच्चाें ने भी उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिए। कई नन्हों-मुन्नों को तो यह पता भी नहीं था कि उनके सामने मुख्यमंत्री खड़े हैं। वे पीछे हटने लगे तो मुख्यमंत्री ने उन्हें अपनी तरफ खींच लिया।
प्रयागराजः बाढ़ पीड़ितों को मुख्यमंत्री योगी ने दिलाया भरोसा ‘मैं हूं ना’
हवाई निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री न्यू कैंट हाईस्कूल राहत शिविर पहुंचे। वहां पहले वह पीड़ित परिवारों के बीच गए। मुख्यमंत्री ने रोहित से बाढ़ के बारे में पूछा। उन्हाेंने शिविर में मिल रही सुविधाओं की भी जानकारी ली। पास में ही खड़े दो बच्चों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री ने पूछा कि दूध मिला या नहीं। बच्चों ने हां में सिर हिलाया तो इसके बाद पढ़ाई आदि के बारे में उनसे सवाल किए। एक अन्य कमरे में कई बच्चे एक साथ मौजूद थे। मुख्यमंत्री उनके बीच पहुंच गए और उनसे बातचीत की। बच्चों ने बताया कि उनके घरों में पानी भर गया है। इसलिए वे यहां आए हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से हंसते हुए कहा कि अब तो स्कूल में भी छुट्टी हो गई है। फिर तो खूब मस्ती हो रही होगी। इस पर बच्चों ने बताया कि नहीं, यहां पर भी वे पढ़ाई कर रहे हैं। नौ वर्षीय सविता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पूछा कि घर में कौन-कौन है। उन्होंने बाढ़ की भी जानकारी ली। गुड्डू ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई, खेलकूद के बारे में पूछा। पीड़ितों से मुलाकात का यह सिलसिला करीब 10 मिनट तक चला। इसके बाद उन्होंने चिह्ति 25 परिवारों के मुखिया को राहत सामग्री वितरित की।
न्यू कैंट के बाद मुख्यमंत्री उमराव सिंह इंटर कालेज शिविर में भी पहुंचे तथा पहले पीड़ितों से मुलाकात की। वहां का नजारा भी बहुत जुदा नहीं था। बड़ों से ज्यादा उन्होंने बच्चों से बातचीत की। एक बालक अपनी छोटी बहन को गोद में लेकर दुलार रहा था। मुख्यमंत्री वहीं रुक गए और दोनों के गाल पर हाथ फेरा। दीपू नामक बच्चे से उन्होंने परिवार के बारे में पूछताछ भी की। एक बच्चे के कंधे पर हाथ रखकर मुख्यमंत्री कुछ दूर तक साथ चले। इस दौरान वह उससे लगातार बात करते रहे। बालक ने भी मुख्यमंत्री के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। गंभीर रूप से घायल अयोध्या चौधरी ने भी शिविर में शरण ले रखी है। अयोध्या सीढ़ी से गिर गए थे, जिससे उनके हाथ, पैर में काफी चोट लग गई। मुख्यमंत्री ने अयोध्या से इस बाबत पूरी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि शिविर में दवा तथा अन्य सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। उसी कमरे में मौजूद शांति देवी से भी उन्होंने शिविर में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जाना। शरणार्थियों से मुलाकात के बाद उन्होंने राहत सामग्री वितरित की। इसके बाद वह पुलिस लाइन के लिए रवाना हुए।
मुख्यमंत्री ने ज्यादातर बच्चों से उनके नाम पूछे तो यह सवाल भी किया कि कहां रहते हो। उनमें से कई बच्चों का जवाब था कि वे इलाहाबाद में रहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, अब यह प्रयागराज हो गया है। बोलो प्रयागराज में रहते हैं।
उमराव सिंह गर्ल्स इंटर कालेज (सेंट जोसेफ स्कूल गर्ल्स विंग) राहत शिविर में मुख्यमंत्री ने चार बच्चाें का पहला जन्म दिन भी मनाया। मुख्यमंत्री को जानकारी हुई कि शिविर में आए कुछ बच्चों का जन्म दिन है तो वह उनके बीच पहुंच गए। वहां मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कंचन सिन्हा, रेनू अग्रवाल, सुशीला देवी, अर्चना ने जन्मदिन मनाने की पूरी तैयारी भी कर रखी थी। केक पहले से मंगाया गया था। गुब्बारे का भी इंतजाम था।