जिले में कोरोना संक्रमित बढ़े हैं, गंभीरता नहीं। साफ है कि दूसरी लहर के बार अबकी वायरस का वार कमजोर है। बीते 72 घंटों में 53 नए कोविड पॉजिटिव चिह्नित किए गए हैं। संक्रमितों की स्थिति सामान्य है, किसी को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं हैं। कई संक्रमितों में तो किसी तरह के लक्षण ही नहीं दिख रहे हैं। आरआरटी टीमों की जांच के बाद सभी के होम आइसोलेशन के आवेदन स्वीकृत किए गए हैं।
प्रयागराज : 72 घंटे में 53 नए कोविड पॉजिटिव़, संक्रमित बढ़े, गंभीरता नही
सीएमओ डॉ. नानक सरन के मुताबिक अब तक की जांच में यह बात पुष्ट हो गई है कि नए कोरोना संक्रमण की दर बढ़ने की वजह लोगों की लापरवाही है। नए संक्रमितों की जांच और बातचीत से पता चला है कि अधिकतर लोग सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ का हिस्सा बने थे।
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एलथ्री कोविड अस्पताल एसआरएन के सभी बेड खाली
देश, दुनिया में बढ़ रहे ओमीक्रॉन वैरियंट के खतरे के बीच राहत की बात है कि नए कोरोना संक्रमितों की बढ़ी संख्या के बाद भी एलथ्री कोविड अस्पताल एसआरएन का कोविड वार्ड खाली है। पांच दिन पहले एक संक्रमित के डिस्चार्ज होने के बाद सभी कोरोना वार्ड के सभी बिस्तर खाली हैं। एसआरएन अस्पताल में कोविड सह प्रभारी डॉ. सुजीत वर्मा के मुताबिक शंका होने पर जांच और एहतियात का पालन संक्रमण से बचाएगा।
दूसरी लहर जैसी स्थिति नहीं हैं। कोरोना वार्ड में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ रही है। लक्षण मामूली ही परिलक्षित हो रहे हैं। संक्रमण की गंभीरता कम होने के पीछे वह टीकाकरण को मानते हैं। डॉ. सुजीत वर्मा के मुताबिक कोरोना से बचाव को टीकाकरण कारगर हथियार है। हमें मास्क लगाने और दो गज दूरी बनाए रखने का पालन करना होगा। शंका होने पर कोविड जांच जरूर करानी चाहिए, इससे संक्रमण गंभीर हो, इससे पहले इलाज किया जा सके। उन्होंने बताया कि गंभीर बीमारियों से पीड़ितों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है।
घबराएं नहीं, मास्क जरूर लगाएं
सीएमओ डॉ. नानक सरन के मुताबिक अब तक की जांच में यह बात पुष्ट हो गई है कि नए कोरोना संक्रमण की दर बढ़ने की वजह लोगों की लापरवाही है। नए संक्रमितों की जांच और बातचीत से पता चला है कि अधिकतर लोग सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ का हिस्सा बने थे। कुछ शादी समारोहों में बिना मास्क लगाए शामिल हुए थे। साफ है कि संक्रमण मास्क न लगाने और उचित दूरी के एहतियात का पालन करने में लापरवाही की वजह से हुआ। आरआरटी टीम सदस्यों को संक्रमितों ने बताया है कि उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं है। किसी को गले में खराश और किसी को हल्की खांसी या हरारत के लक्षण थे, जिससे फिलहाल राहत है। सीएमओ डॉ. सरन के मुताबिक कोरोना संक्रमण से घबराने की नहीं समझदारी से बचने की जरूरत है। संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाने के साथ उचित दूरी के कोविड प्रोटोकॉल का अनिवार्य रूप पालन करें।
नहीं मान रहे लोग, भीड़ में बिना मास्क धक्कामुक्की
कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ लोगों की लापरवाही साफ दिख रही है। एक जनवरी को सार्वजनिक स्थलों, शहर के आजाद, हाथी, भारद्वाज पार्कों, बाजारों, मंदिरों में उमड़े लोग, भीड़ का हिस्सा बने लोगों का मास्क न लगाना, धक्कामुक्की संक्रमण प्रसार का कारण बन सकता है। दो जनवरी को रविवार था, लोग बेपरवाह होकर घरों से बाहर निकले थे। नए साल के पहले दो दिन साफ दिखा कि पार्कों में महिलाओं और बच्चों के साथ पहुंचे लोगों ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। बंधवा स्थित हनुमान मंदिर परिसर और चारों तरफ सड़कों पर वाहनों की कतार, भीड़ का हिस्सा बने अधिकांश लोगों ने मास्क भी नहीं लगाया था।
दो गज दूरी, मास्क है जरूरी
प्राचार्य मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज डॉ. एसपी सिंह के मुताबिक अभी तक मास्क कोविड संक्रमण से बचाता रहा है, अब रक्षा कवच के रूप में टीका लगवाना सामने आया है। संक्रमण से बचाव के लिए हमें किसी भी कीमत पर नाक और मुंह से मास्क नहीं उतारना है। साबुन से बार-बार हाथ धोना, सैनिटाइजर का प्रयोग और दो गज दूरी, मास्क है जरूरी स्लोगन को दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा। इन एहतियातों के साथ साथ ही टीकाकरण कोरोना संक्रमण से बचाएगा। प्राचार्य के मुताबिक हमें संक्रमण की भयावहता से बचने के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की लापरवाही से बचना चाहिए।