प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26,791 हजार दिव्यांगों और बुजुर्गों को 19 करोड़ से ज्यादा के 56 हजार सहायक उपकरण बांटकर देश को सेवाभाव का संदेश दिया। इस दौरान पीएम ने भगवद्गीता का श्लोक ‘स्वस्ति: प्रजाभ्य: परिपालयंतां. न्यायेन मार्गेण महीं महीशा:!’ का उल्लेख करते हुए अपनी सरकार की प्राथमिकता भी स्पष्ट की। कहा, इसका अर्थ यह है कि सरकार का दायित्व है कि हर व्यक्ति का भला हो, हर व्यक्ति को न्याय मिले। परेड ग्राउंड में आयोजित सामाजिक अधिकारिता शिविर कार्यक्रम के दौरान पीएम ने दिव्यांगजनों के धैर्य, साहस और मुश्किलों से लड़ने की क्षमता को सराहते हुए सशक्त भारत के निर्माण में हर दिव्यांगजन की भूमिका पर भी जोर दिया।
प्रयागराज में पीएम बोले- सरकार का दायित्व है 130 करोड़ भारतीयों का हो भला
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पीएम ने 30 मिनट के संबोधन में कुंभ के दौरान पांच स्वच्छाग्रहियों के पांव पखारने की यादों को ताजा किया। कहा, आज फिर उन्हें कुछ वैसा ही सौभाग्य गंगा के तट पर प्राप्त हुआ है। जिले भर से आए दिव्यांगजनों और बुजुर्गों से कहा कि यह उपकरण आपके जीवन से मुश्किलें कम करने में मददगार होंगे। पीएम ने कहा, वरिष्ठजन, दिव्यांगजन, आदिवासी, दलित-पीड़ित, कोई भी व्यक्ति हो, सभी 130 करोड़ भारतीयों के हितों की रक्षा करना, उनकी सेवा करना, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दिव्यांगजनों की तकलीफ को समझकर जिस तरह इस सरकार ने काम किया है, उतना पहले कभी नहीं किया गया। पहले की सरकारों के समय इस तरह के शिविर बहुत ही कम लगा करते थे और इस तरह के मेगा कैंप तो गिनती के होते थे। बीते पांच साल में हमारी सरकार ने देश के अलग-अलग इलाकों में करीब 9,000 कैंप लगवाए हैं।
पिछली सरकार के पांच साल में जहां दिव्यांगजनों को 380 करोड़ रुपये से भी कम के उपकरण बांटे गए थे, वहीं हमारी सरकार ने 900 करोड़ रुपये से ज्यादा के उपकरण वितरित किए। इस मौके पर राज्यपाल आनंदी बेन पटे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री थावर चंद्र गहलोत, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, प्रभारी मंत्री महेंद्र सिंह, खादी ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, सांसद रीता बहुगुणा जोशी समेत तमाम नेता उपस्थित थे।
प्रयागराज। परेड मैदान में लगे सामाजिक अधिकारिता शिविर में एक साथ तीन विश्व रिकॉर्ड बने। विश्व रिकॉर्ड को प्रमाणित करने के लिए गिनीज बुक रिकार्ड की टीम शुक्रवार को ही प्रयागराज पहुंच गई थी। पहला रिकार्ड हाथ से चलने वाली 300 ट्राइसाइकिलों को 1.8 किलोमीटर चलाकर बनाया गया। दूसरा रिकार्ड हाथ से चलने वाली 626 ट्राईसाइकिलों को एक घंटे में मुफ्त वितरित कर बनाया गया। जबकि, तीसरा विश्व रिकार्ड 13 मिनट में 420 व्हील चेयर्स को तीन पंक्तियों में चलाकर बनाया गया। इससे पहले कुंभ के दौरान एक साथ सबसे ज्यादा शटल बसों के संचालन, हाथों की छाप से वॉल पेंटिंग का और स्वच्छता विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था।
वितरित किए गए ये उपकरण
समारोह में 847 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, 3949 ट्राईसाइकिल, 3725 व्हीलचेयर, 5206 वैशाखी, 15103 वाकिंग स्टिक, 1735 र्ट्राइपॉड, 850 वॉकर, 5816 चश्मा, 4950 कृत्रिम दांत, 659 स्मार्ट केन, 29 स्मार्ट फोन, एक टेबलेट, 11383 कान की मशीन, 229 रोलेटर, 924 कृत्रिम हाथ-पैर वितरित किए गए।