जीवन ज्योति अस्पताल के निदेशक डॉ बंसल की हत्या मामले से पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्र के कनेक्शन की जांच में जुटी पुलिस को एक अहम जानकारी हाथ लगी है। पता चला है कि हत्या वाले दिन दिलीप ने डॉ बंसल को फोन भी किया था। हिरासत में लिए गए दिलीप के गुर्गे व बर्खास्त सिपाही ने यह जानकारी पूछताछ में दी है। पुलिस अब उसकी ओर से दी गई जानकारी की सच्चाई जानने में जुटी है।
Prayagraj News: हत्या वाले दिन दिलीप मिश्रा ने किया था डॉ. बंसल को फोन
इसके बाद पूछताछ व जांच पड़ताल के क्रम में एक चैंकाने वाली यह जानकारी मिली कि डॉ बंसल की हत्या के दिन दिलीप का गुर्गा राजेश जीवन ज्योति अस्पताल में मौजूद था। यह जानकारी मिलते ही बंसल हत्याकांड की जांच में जुटे अफसरों व एजेंसियों के कान खड़े हो गए। इसके बाद जिले के इस बेहद सनसनीखेज हत्याकांड के पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा कनेक्शन की भी जांच शुरू हो गई।
उधर पूछताछ में हिरासत में लिए गए बर्खास्त सिपाही से पूछताछ में एक और चैंकाने वाली जानकारी मिली। उसने बताया कि घटना वाले दिन दिलीप ने डॉ बंसल को फेान भी किया था। लेकिन उसने यह भी बताया है कि उसका एक परिचित मरीज जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती था और वह उसे देखने ही अस्पताल पहुंचा था।
उसके ही कहने पर मरीज का बिल कम कराने के लिए दिलीप ने डॉ बंसल को फोन किया था। फिलहाल पुलिस इस बात की पुष्टि करने में जुट गई है कि उसकी बातों में कितनी सच्चाई है। उस मरीज के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है जिसके बारे में बर्खास्त सिपाही ने जिक्र किया है। इसके साथ ही उसकी व दिलीप के मोबाइल की कॉल डिटेल भी फिर से खंगाले जाने की तैयारी है।
प्रधानी के चक्कर में छोड़ दी नौकरी
बंसल हत्याकांड के दौरान अस्पताल में दिलीप के जिस गुर्गे राजेश पांडेय की मौजूदगी की बात सामने आई है, वह पुलिस विभाग का बर्खास्त सिपाही मेजा के तरवाई गांव का रहने वाला है। वह 1994 में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था।
मिर्जापुर मेें तैनाती के दौरान वह बिना बताए सालों तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहा। 2010 में उसे बर्खास्त कर दिया गया। हालांकि इससे पहले ही उसने गांव की प्रधानी हथिया ली थी। इसके साथ ही बालू व तमाम अन्य धंधों में भी हाथ आजमाने लगा। इसी दौरान उसकी मुलाकात दिलीप से हुई और फिर कुछ ही दिनों में वह उसका सबसे करीबी हो गया।
शूटर पकड़े जाने के बाद दिलीप को दी थी शरण
सूत्रों के मुताबिक, शूटर नीरज सिंह के पकड़े जाने के बाद फरार हुए दिलीप को बर्खास्त सिपाही ने अपने घर में शरण भी दी थी। जिसकी जानकारी मिलने पर पुलिस ने वहां दबिश भी दी। लेकिन पुलिस के पहुंचने से कुछ देर पहले ही दिलीप वहां से भाग निकला था और फिर गोपीगंज जाकर एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य के घर शरण ली। हालांकि बाद में पुलिस ने दावा किया कि उसे औद्योगिक क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।एसटीएफ कर चुकी है दिलीप से पूछताछ
वैसे डॉ बंसल हत्याकांड में मंत्री नंदी पर हमले के आरोपी दिलीप से पहले भी पूछताछ हो चुकी है। दरअसल मामले की जांच के दौरान एसटीएफ ने डॉ बंसल से जुड़े हर शख्स से पूछताछ की थी। इसमें विवाद करने वालों के साथ ही डॉ बंसल से कारोबारी रिश्ते के चलते जुडे़ लोग भी शामिल थे।जांच के दौरान ही यह सामने आया कि डॉ बंसल व दिलीप के बीच किसी जमीन को लेकर बातचीत चल रही थी। जिसके बाद एसटीएफ ने उससे गहन पूछताछ की थी। हालांकि लंबी पूछताछ के बाद भी यही बात सामने आई थी कि जमीन को लेकर कोई विवाद नहीं था। आपसी समझौते से दोनों ने एक-दूसरे को जमीन दी थी।