माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर शनिवार को लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में डुबकी लगाई। देर रात से ही श्रद्धालुओं का रेला संगम तट पर उमड़ पड़ा। दोपहर तक तक करीब 85 लाख लोग आस्था की डुबकी लगा चुके थे। कुल 2 करोड़ से ज्यादा लोगों के स्नान करने की उम्मीद है।
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- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आम जनता की सुरक्षा के दृष्टिगत हेलीकॉप्टर द्वारा निगरानी की जा रही है। उसी हेलीकॉप्टर द्वारा सभी पूजनीय संतों, श्रद्धालुओं, कल्पवासियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
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श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाने के बाद विधि विधान से मां गंगा का पूजन अर्चन कर दीपदान किया। कंपकंपाती ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था भारी दिखी। लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखा। घाटों के अलावा पूरे माघ मेला में सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक बंदोबस्त किया गया है। पैदल के अलावा घुड़सवार पुलिस के जवान निगरानी कर रहे हैं। पैरामिलिट्री फोर्स के अलावा जल पुलिस के जवानों की तैनाती की गई। संगम जाने के सभी रास्ते पैक रहे।
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सर्वार्थ सिद्धि योग में लगेगी मौनी अमावस्या पर मौन डुबकी
मौनी अमावस्या पर शनिवार को सर्वार्थ सिद्धि योग में संगम पर मौन डुबकी लगेगी। इस बार शनि अमावस्या होने की वजह से इस स्नान पर्व पर डुबकी विशेष फलदायी होगी।ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक मौनी अमावस्या शनिवार की सुबह 6:16 बजे से रविवार की रात 2:22 बजे तक रहेगी। इस बीच सर्वार्थ सिद्धि योग लग रहा है।
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ऐसे में पुण्य की डुबकी से मनसा , वाचा, कर्मणा तीनों तरह के पापों के शमन के योग हैं। ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक सुबह 8:33 से 9:52 बजे के बीच स्नान-दान का सबसे उत्तम मुहूर्त रहा।