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Dhanteras 2022 :  धन-धान्य का खजाना लेकर कुबेर संग पधारीं महालक्ष्मी, जानें दिवाली पूजन का शुभ मुहुर्त

Sun, 23 Oct 2022 12:13 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 23 Oct 2022 12:13 AM IST
सार

वंदनवारों, रंग-बिरंगे फूलों,ध्वजा-पताकाओं, दीपमालाओं और द्वारों-द्वारों पर सजाई गई रंगोलियों से शनिवार को धनतेरस पर महालक्ष्मी के आगमन की खुशियां छा गईं। कुबेर संग महालक्ष्मी का आगमन त्रिपुष्कर योग के साथ इंद्र योग में महालक्ष्मी के दरबार सजाए गए।

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Mahalakshmi came with Kubera with the wealth of food grains
Prayagraj News : धनतेरस पर बाजारों में उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

देर शाम शनि प्रदोषव्यापिनी त्रयोदशी मिलने के साथ ही कुबेर संग महालक्ष्मी की सविधि आराधना कर धन धान्य से खजाना भरने की कामना की गई। इंद्र योग के साथ त्रिपुष्कर योग में रंगोलियों, अल्पनाओं के बीच लक्ष्मी के पदचिह्न उकेरे गए। सोने, चांदी, हीरे, मोती के अलावा धन-धान्य की कामना से भूमि, भवन और वाहन की खरीददारी अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग में रविवार को भी होगी। इससे पहले त्रयोदशी लगने के साथ पंचदीप पर्व का शुभारंभ हो गया। ज्योतिपर्व दिवाली सोमवार को मनाई जाएगी।




वंदनवारों, रंग-बिरंगे फूलों,ध्वजा-पताकाओं, दीपमालाओं और द्वारों-द्वारों पर सजाई गई रंगोलियों से शनिवार को धनतेरस पर महालक्ष्मी के आगमन की खुशियां छा गईं। कुबेर संग महालक्ष्मी का आगमन त्रिपुष्कर योग के साथ इंद्र योग में महालक्ष्मी के दरबार सजाए गए। घरों, प्रतिष्ठानों में चावल के आंटे और रंग बिरंगे फूलों से रिद्धि-सिद्धि के प्रतीक उकेरे गए। तरह-तरह की रंगोलियां सजाई जाती रहीं।

Mahalakshmi came with Kubera with the wealth of food grains
Prayagraj News : धनतेरस पर बर्तन की खरीदारी करते लोग। - फोटो : अमर उजाला।

गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा, बेला, चमेली से प्रतिष्ठानों को सजाया गया। इसके बाद शुभ मुहूर्त में शाम छह बजे के बाद महालक्ष्मी और कुबेर का पूजन शुरू हो गया। त्रिपुष्कर योग में लोगों ने मां लक्ष्मी का आह्वान किया। मान्यता है कि इस कार्तिक त्रयोदशी पर कुबेर संग महालक्ष्मी धन, समृद्धि और वैभव लेकर धरा पर पधारती हैं। ऐसे में इस बार त्रिपुष्कर योग मिलने से समृद्धि के लिए लोगों ने पूरे मनोयोग से कामना की।


पूजे गए आरोग्य के देवता भगवान धनवंतरि
जयंती पर कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर आरोग्य के देवता भगवान धनवंतरि की पूजा कर निरोगी काया की कामना की गई। इस दौरान औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों को सजाया गया। त्रयोदशी लगने के बाद शाम को भगवान धनवंतरि की आराधना कर लोगों ने सुख-समृद्धि के लिए जनत किए। इस दिन आयुर्वेदाचार्यों ने जड़ी-बूटियों की भी पूजा की। तरह-तरह की जड़ी-बूटी सजाकर भगवान धनवंतरि का नमन किया गया। मान्यता है कि इसी त्रयोदशी के दिन ही समुद्र मंथन के समय भगवान धनवंतरि अमृत कलश लेकर कभी धरा पर प्रकट हुए थे।

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Prayagraj News : धनतेरस पर बाजारों में उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

पंचदीप पर्व का आगाज, चहुंदिश फैला उजियारा
रंग-बिरंगी झालरों, वंदनवारों, फूलों की अल्पनाओं और रंगोलियों की भव्य सजावट केसाथ ही शनिवार की शाम यम दीप ज्योति से पंचदीप पर्व का आगाज हो गया। तिथि की रिक्तता की वजह से इस बार पंचदीपोत्सव छह दिन तक चलेगा। इसी के साथ दीपोत्सव की खुशियां छा गई हैं। प्रतिष्ठानों, इमारतों और भवनों, दीवारों को बल्बों, झालरों के साथ ही ट्यूबलाइट से सजा दिया गया है।इस बार धनतेरस पर त्रिपुष्कर के साथ इंद्र योग मिलने की वजह से खरीदारी के लिए शाम को लोग घरों से निकले। अपने-अपने बजट का हिसाब से लोग बाजार में अपनी पसंद के चांदी के लक्ष्मी-गणेश और सिक्के पसंद करते रहे। पंच पर्व के प्रथम दिन महालक्ष्मी पूजन के साथ भगवान धनवंतरि से स्वास्थ्य आरोग्य रूपी धन की कामना की गई। रविवार को सर्वार्थसिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग में हनुमान जयंती के साथ ही नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी।

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Prayagraj News : धनतेरस पर बाजारों में उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन मुहूर्त

इस बार ज्योति पर्वआ दीपावली 24 अक्तूबर को मनाई जाएगी। सोमवार को अमावस्या शाम 5:04 बजे लग जाएगी। अमावस्या के आरंभ काल से 5:18 बजे तक द्विस्वभाविय मीन लग्न रहेगा। कारोबारियों के पूजा- अर्चना के लिए यह समय उत्तम रहेगा। ज्योतिषाचार्य अमिताभ गौड़ के मुताबिक सामान्य परिस्थिति में हर किसी के लिए पूजा का मुहूर्त वृष लग्न यानी स्थिर लग्न में शाम 6:55 से रात 8:51 तक रहेगा। इस मुहूर्त में की गई पूजा मां लक्ष्मी की कृपा के लिए फलदायी रहेगी। विशेष पूजा का समय रात 1:23 से सुबह 3:37 बजे तक रहेगा।

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Prayagraj News : देवी की मूर्ति तैयार करते कलाकार। - फोटो : अमर उजाला।

इस बार दीवापली पर सूर्य, देव दीपावली पर चंद्रग्रहण का दिखेगा नजारा

इस बार दीपावली और देव दीपावली दोनों ही पर्वों पर ग्रहण का साया रहेगा। 25 अक्तूबर को अन्नकूट के दिन आंशिक सूर्य ग्रहण लगेगा। इसी तरह आठ नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली के दिन चंद्र ग्रहण का लोग नजारा देख सकेंगे। 


ज्योतिषियों के मुताबिक चालू वर्ष का अंतिम और दूसरा सूर्य ग्रहण मंगलवार को लगेगा। इससे 178 साल पहले 1844 में दीपावली केदिन सूर्यग्रहण लगा था। वैसे भारतीय समयानुसार उस दिन सूर्यग्रहण दोपहर बाद 02:29 बजे से शुरू होकर शाम 06:32 बजे तक रहेगा। ग्रहण काल 04:03 घंटे का है। लेकिन, प्रयागराज में ग्रहण शाम 4:40 बजे प्रभावी होगा। इसके बाद सूर्यास्त तक ग्रहण रहेगा। 


इसी तरह चंद्रग्रहण कार्तिक माह की पूर्णिमा के दिन आठ नवंबर को लगने वाला है। इसी दिन देव दीपावली भी है। देव दीपावली पर लगने वाला चंद्रग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 01:32 बजे से शाम 07:27बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र के अनुसार इस साल दोनों दीपावली और देव दीपावली दोनों ही ग्रहण की छाया में मनाई जाएगी। सूतक काल ग्रहण शुरू होने के नौ घंटे पहले लग जाएगा। जबकि सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाएगा।

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