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पान मसाला और सिगरेट के लिए तोड़ रहे लॉकडाउन, सड़क पर घूम रहे आधे लोग ढूंढ रहे नशे का सामान

Tue, 07 Apr 2020 08:17 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 07 Apr 2020 08:17 PM IST
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Lockdowns breaking for pan masala and cigarettes, half the people roaming the street looking for drugs
पान मसाला - फोटो : prayagraj
नशे के लिए लोगों को कोरोना महामारी की भयावहता का भी ख्याल नहीं है। लोग पान मसाला और सिगरेट के लिए लॉक डाउन तोड़ रहे हैं। सड़क पर निकले आधे लोग दवा के बहाने पान मसाला खोज रहे हैं। दोगुना दाम देने पर भी लोगों को नशे के ये सामान नहीं मिल रहे हैं। ब्रांड गायब है, लेकिन जो भी उपलब्ध है उसकी मनमानी कीमत वसूली जा रही है। 
Lockdowns breaking for pan masala and cigarettes, half the people roaming the street looking for drugs
पान मसाला - फोटो : prayagraj

लॉक डाउन का पालन कराने के लिए बढ़ी सख्ती का असर रहा कि लोग पांच से दस रुपये के पान मसाले के लिए पांच सौ का चालान कराते रहे। पुलिस वालों के सामने चालान न करने की गिड़गिड़ाहट और मिन्नतों के दौरान यह खुलासा हुआ कि लोग नशे की तलब को पूरा करने के लिए लॉक डॉउन तोड़ रहे हैं। 

Lockdowns breaking for pan masala and cigarettes, half the people roaming the street looking for drugs
सिगरेट की दुकान - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

मेडिकल चौराहे पर रोके गए दो लोगों का चालान हुआ तो उन्होंने बताया कि वह पान मसाला खोज रहे हैं। इनमें से एक ने बताया कि रेलवे लाइन के किनारे वाले क्षेत्रों में पान मसाला परचून की दुकानों पर मिल रहा है। कहीं पांच वाला दस में तो कहीं 20 रुपये में पांच वाली तीन पुड़िया मिल रही हैं। 

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Lockdowns breaking for pan masala and cigarettes, half the people roaming the street looking for drugs
सिगरेट - फोटो : SELF
सिगरेट का कोई मूल्य नहीं रह गया है। अब लोग एक नहीं पूरा पैकेट खरीद रहे हैं, वह भी दोगुने से अधिक दामों पर। लोगों के मुताबिक सामान्य तौर पर उपलब्ध दोहरा भी नहीं मिल रहा है। पुलिस की सख्ती का असर है कि पान-दोहरा की दुकानें बंद हैं और धरपकड़ के डर से लोग चोरी छिपे भी इसकी बिक्री नहीं कर रहे हैं। लोग भटक रहे हैं, जिसे मिल गया और बिना गाड़ी चालान के घर पहुंच गया वह अपने को खुश किस्मत मानता है, जिसका चालान हो गया वह दूसरी बार घर से निकलने के पहले सोचेगा जरूर।
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