सम्पूर्ण कुंभ महापर्व में मौनी अमावस्या का स्नान मुहूर्त अन्य सभी स्नान पर्वों में सर्वोत्तम कहा गया है। मौनी अमावस्या के विशेष पुण्यकाल पर स्वयं का उद्धार तथा पितरों को तारने के लिए संगम के अक्षय क्षेत्र में दान का विशेष विधान शास्त्रों में वर्णित है। मौनी अमावस्या कुम्भ में दान करने से अनिष्ट ग्रहों की पीड़ा का शमन होता है जिससे वर्ष भर सुख-समृद्धि घर में निवास करती है।
ग्रह नक्षत्रम ज्योतिष शोध संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन दान करने से सब प्रकार के पापों का क्षय, सब प्रकार की आधियों, व्याधियों का निवारण और सब प्रकार की हीनता अथवा संकोच का निपात होता है तथा प्रत्येक प्रकार की सुख, सम्पत्ति, संतान और सहानुभूति की वृद्धि होती है। सिविल लाइन्स एनपीए आर्केड स्थित ग्रह नक्षत्रम् की ज्योतिषाचार्य गुंजन वार्ष्णेय के अनुसार संगम अथवा किसी भी पवित्र नदी में तीर्थराज प्रयाग और त्रिवेणी का स्मरण कर दान-पुण्य करने से कुम्भ का पुण्य फल प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय बताते हैं कि राशि अनुसार वस्तुओं का दान करने से जीवन में ग्रह बल प्राप्त होता है।
मेष तथा वृश्चिक राशि:- मेष तथा वृश्चिक राशि वाले मौनी अमावस्या के दिन लाल मसूर की दाल, गुण, लाल चन्दन, लाल फूल, सिन्दूर, तांबा, मूंगा, लाल वस्त्र आदि दान हेतु सम्मिलित करें तो उनको विशेष लाभ प्राप्त होगा।
वृष तथा तुला राशि:- वृष तथा तुला राशि वाले मौनी अमावस्या के दिन सफेद वस्त्र, कपूर, खुशबूदार अगरबत्ती, धूप, इत्र्ा आदि, दही, चावल, चीनी, दूध, चांदी, आदि दान हेतु सम्मिलित करें तो उनको विशेष लाभ प्राप्त होगा।
मिथुन तथा कन्या राशि:- मिथुन तथा कन्या राशि वाले मौनी अमावस्या के दिन हरी सब्जी, हरा फल, हरा वस्त्र, काँसे का बर्तन, पन्ना या उसका उपरत्न ऑनेक्स, हरी दाल, आदि दान हेतु सम्मिलित करें तो विशेष शुभ फल प्राप्त होगा।