कुंभ 2019: मौनी स्नान के बाद जाम के झाम में फंसा शहर, सड़कों पर रेंग रहे हैं वाहन
मौनी अमावस्या के पर्व पर पुलिस ने ट्रकों और बसों के लिए शहर में नो इंट्री लगा दी थी। बुधवार को पांच दिनों के बाद बसें जब अंदर आना शुरू हुईं तो दोपहर दोपहर होते हुए झूंसी, शास्त्री पुल, चुंगी, सोहबतियाबाग, जीटी जवाहर चौराहा, तिकोनिया, बैरहना, सीएमपी डाट का पुल, मेडिकल चौराहा, रामबाग, से लेकर हनुमान मंदिर चौराहा, बस अड्डा चौराहा से से आगे बढ़ते हुए चर्च चौराहा और हाईकोर्ट ओवरब्रिज तक भीषण जाम लग गया। वाहन धीरे धीरे चल रहे थे।
इस वजह से शहर की अन्य सड़कों पर दबाव बढ़ा और कटरा, जानसेनगंज, चौक, जंक्शन, मुट्ठीगंज, बालसन चौराहा आदि इलाकों में जाम लगना शुरू हो गया। सिविल लाइंस में स्थिति उस वक्त बेकाबू हो गई जब सेंट जोसेफ कालेज समेत सिविल लाइंस स्थित बड़े स्कूलों की छुट्टिायां हुईं। बस सुभाष चौराहे से लेकर स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के मोड़ तक वाहन खड़े हो गए। वाहनों को घंटे भर से ज्यादा खड़े खड़े हो गया लेकिन कोई टस से मस नहीं हो रहा था।
सड़कों पर वाहनों की संख्या देखते हुए ट्रैफिक के जो सिपाही दरोगा लगाए गए थे, वे नाकाफी साबित हो रहे थे। हनुमान मंदिर और बस अड्डे चौराहे पर चारोंं दिशा से वाहन आमने सामने आ गए थे। जाम की सूचना पर एसएसपी नितिन तिवारी और कुलदीप सिंह भी मौकेपर पहुंचे और जाम को खत्म करने का प्रयास किया। एसएसपी ने बताया कि पांच दिन बाद बसों के आने और मेले मेंं रुके वाहनों के बाहर आने से सड़कों पर दबाव बढ़ा था। शाम को नवाब यूसुफ रोड पर रास्ता रोकने के लिए लगाए गए टीन को हटाया गया तो थोड़ी ही देर में सिविल लाइंस का ट्रैफिक सामान्य हो गया।
मौनी अमावस्या के पर्व पर बड़ी संख्या में लोग तीन दिवसीय कल्पवास पर रहते हैं। मंगलवार को कल्पवास पूरा होने के बाद बुधवार को बड़ी संख्या मेंं श्रद्धालु गाडिय़ां लेकर मेले से बाहर निकले। एसपी ट्रैफिक मेला ओपी सिंह ने बताया कि साधु संत भी रास्ता खुलने के बाद आज बाहर निकले। इसी कारण मेला के प्रवेश द्वार, जीटी जवाहर, तिकोनिया चौराहा और झूंसी के आस पास सुबह से ही जाम की स्थिति हो गई थी।