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नावों के झुंड और प्रवासी पक्षियों के कलरव ने स्नान पर्व की उत्सवी बेला को किया निहाल, देखें तस्वीरें

Wed, 20 Feb 2019 09:23 PM IST
देव कश्यप अनूप ओझा, अमर उजाला, प्रयागराज
अनूप ओझा, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: देव कश्यप Updated Wed, 20 Feb 2019 09:23 PM IST
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Kumbh 2019: boats and Siberian birds make festive celebration Amazing for devotees

पूरब से प्रस्फुटित हुई अरुणोदय की लालिमा माघी पूर्णिमा की सुबह खिलखिलाई तो संगम की लहरों पर स्वर्णमयी किरणों की रेखा हर दिल में श्रद्धा के खजाने को नई चमक से भर गई। नावों के झुंड और किलोल भरते-चहकते पक्षियों के कलरव उस उत्सवी बेला में स्नान पर्व के रंगों को गाढ़ा कर रहे थे। जन-मन के प्रवाह के बीच कहीं शंखध्वनि गूंजती रही तो, कहीं दशांग-धूप की सुगंध से संगम का किनारा महक उठा।

Kumbh 2019: boats and Siberian birds make festive celebration Amazing for devotees

तीर्थराज को साक्षी मान कर कोई जीवन के विकारों से मुक्ति की कामना कर रहा था तो कोई सुख-समृद्धि की। किसी ने संतान की चाह लेकर अघ्र्य दिया तो किसी ने बिटिया के लिए योग्य घर-वर के लिए त्रिवेणी के पावन तट पर दीप जलाए। माघी पूर्णिमा स्नान पर डुबकी के साथ मनौतियों की मनुहार कुछ ऐसी ही थी। माघी पूर्णिमा पर स्नान-दान-पुण्य का अद्भुत संगम देखने लायक था। न कोई परदा न दीवार। एक साथ एक ही घाट पर सास,ससुर, जेठ के साथ बहू-बेटियों, ननद-देवरानियों की डुबकी बिना किसी संकोच के लगती रही। कोई गमछा तान कर खड़ा था तो कहीं परिवार की महिलाएं साड़ी का परदा बनाकर एक दूसरे को ढंकते हुए स्नान करके निकलती रहीं।

Kumbh 2019: boats and Siberian birds make festive celebration Amazing for devotees

रेती पर बिछे पुआल के बीच जगह-जगह ध्यान लगाए, नाक दबाए, माला जपते साधु-संतों की भी कतारें आस्था के संगम में हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। कोई दादी को लेकर जा रहा था तो कोई माता-पिता का सहारा बनकर डुबकी लगवाने आया था। मध्यप्रदेश के रीवा से बूढ़ी मां इंद्रावती देवी ह्वील चेयर पर संगम में डुबकी लगाने पहुंचीं। बहू उर्मिला, पुत्र शिवेंद्र के साथ पोते-पोतियां बारी-बारी से ह्वील चेयर को भीड़ में संभालते हुए आगे बढ़ा रहे थे। पूरा परिवार मां को स्नान कराकर पुण्य कमाने के आतुर था।

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Kumbh 2019: boats and Siberian birds make festive celebration Amazing for devotees
Kumbh 2019

इसी भीड़ में उल्लास, उत्साह भी था और बिछडऩे वालों के आंखों में आंसू भी। संगम नोज पर करछना से परिवार के साथ आईं विमला देवी डुबकी लगाने के बाद अपने कपड़े के पास पहुंची,तभी उनकी नजर भटक गई। वह एक हाथ में कपड़े लेकर इधर-उधर अपनी पुत्री शिवांगी को ढूंढने लगीं। उधर शिवांगी भी मां से मिलने के लिए बेचैन  होकर बिलखने लगी। हालांकि वहां मौजूद कुंभ सेवा मित्रों ने फोन नंबर से संपर्क कर मां-बेटी को मिलवा दिया। माघी पूर्णिमा पर हर तरफ ऐसा ही दृश्य था।

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20.54 करोड़ श्रद्धालुओं ने कुंभ में आब तक लगाई डुबकी 
मकर संकांति से लेकर माघीपूर्णिमा तक संगम में 20.54 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। यह आंकड़ा मंगलवार को कुंभ मेला प्रशासन ने जारी किया। अरैल घाट, संगम नोज, किला घाट, सरस्वती घाट, नागवासुकी घाट, शास्त्री ब्रिज सहित अन्य घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ को वालेंटियर्स और पुलिस के जवानों ने संभाला। सहयोग के भावों का दृश्य खुशी और प्रेम से ओतप्रोत कर देने वाला था।

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