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अधूरी हैं माघ मेले की तैयारियां, न बिजली न पानी, और पहुंचने लगे कल्पवासी

Mon, 06 Jan 2020 01:21 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 06 Jan 2020 01:21 AM IST
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Kalpavasi arrives in Maghmele from tomorrow, no electricity nor water
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

पौष पूर्णिमा स्नान के साथ ही 10 जनवरी को प्रयागराज में माघ मेले की शुरुआत हो जाएगी। मान्यता के अनुसार मोक्ष कामना से संगम तट पर कल्पवासी पूरे एक महीने तक कल्पवास करेंगे। इसके लिए सात जनवरी आनी मंगलवार से कल्पवासियों का शिविरों में आगमन शुरू हो जाएगा। अभी तक दंडी स्वामी नगर,आचार्यबाड़ा, खाक चौक समेत तीर्थपुरोहितों के न तो पूरे शिविर लग सके हैं, न जगह बिजली और पेयजल की सुविधा। इससे संतों-भक्तों में नाराजगी है। कल्पवासी झोला, गठरी रखने की सुरक्षित ठौर तलाशने में परेशान हैं।

Kalpavasi arrives in Maghmele from tomorrow, no electricity nor water
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

इस बार करीब 2500 बीघा क्षेत्रफल में बसने वाले माघ मेले में तीर्थपुरोहितों के लिए रविवार को भी भूमि आवंटन की प्रक्रिया चलती रही। सेक्टर पांच में प्रयागवाग तीर्थपुरोहितों की ओर से कल्पवासियों के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। दंडी स्वामी नगर में सौ से अधिक शिविरों ने आकार ले लिया, लेकिन अभी 30 से अधिक शिविर नहीं लग सके हैं। दंडीबाड़ा के महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम के अनुसार सात जनवरी के यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश समेत अन्य इलाकों से कल्पवासियों से आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा, लेकिन अभी तक न तो पेयज की टोटियां लग सकी हैं न बिजली के तार-खंभे।

Kalpavasi arrives in Maghmele from tomorrow, no electricity nor water
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

ऐसे में दिक्कतें चिंता का कारण बनी हुई हैं। इसी तरह प्रयागवाल तीर्थपुरोहित महासभा के राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि 48 घंटे बाद कल्पवासियों का आगमन शुरू हो जाएगा। अभी से कल्पवासी अपने शिविरों के बारे में पूछ रहे हैं। ज्यादातर जगहों पर पानी लगा है। ऐसे में  उनके सामान कहां रखे जाएंगे, यह बड़ी समस्या है। भक्तों की गठरी रखने के लिए सुरक्षित स्थान बनाना मुश्किल हो गया है। इसलिए कि अभी ज्यादातर सेक्टरों में मेला बस ही नहीं सका है। भूमि आवंटन में देरी इस लेट लतीफी की बड़ी वजह बन गई है।

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Kalpavasi arrives in Maghmele from tomorrow, no electricity nor water
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

पूर्णिमा पर पुण्यकाल में लगेगी पुण्य की डुबकी
प्रयागराज। ज्योतिषाचार्य ब्रजेंद्र मिश्र के अनुसार बृहस्पतिवार की रात1:55 बजे से पूर्णिमा आरंभ होगी और 10 जनवरी की रात 1.02 बजे तक रहेगी। ऐसे में शुक्रवार की भोर चार बजे ब्रह्म मुहूर्त से पुण्यकाल में स्नान, दान, व्रत, पूजन और कल्पवास आरंभ हो जाएगा। कुछ कल्पवासी प्रदोष की तिथि से ही कल्पवास शुरू करेंगे। ऐसे श्रद्धालुओं का कल्पवास आठ जनवरी से आरंभ होगा।

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Kalpavasi arrives in Maghmele from tomorrow, no electricity nor water
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज

मोक्ष की कामना से कल्पवास
रामनाम झंडा निशान वाले तीर्थपुरोहित दिवाकर पांडेय के अनुसार मान्यता है कि माघ के महीने में प्रयाग में न सिर्फ लोग मोक्ष की कामना से कल्पवास करते हैं, बल्कि 33 करोड़ देवी-देवताओं का भी यहीं वास होता है। ये देवी -देवता कल्पवासियों को किसी न किसी रूप में दर्शन देते हैं। इसलिए लोग घर और परिवार छोड़कर संगम की रेती पर महीने भर जप, तप, ध्यान में लीन रहते हैं।

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