प्रयागराज में अक्षय वट की ज्ञानरूपी जड़ों में मोरारी बापू ने किया जालभिषेक
कभी महर्षि भरद्वाज, कपिल मुनि भी इसी अक्षयवट की छाया प्राप्त किए होंगे। ऐसे में उसी अक्षयवट के नीचे नौ दिन प्रवास करने का सौभाग्य पाकर वह धन्य हो गए हैं। अक्षयवट की नीचे कैलाश नामक बजड़े में बनी अपनी कुटिया में पहुंचने पर भक्तों से मुलाकात के दौरान उन्होंने यह बातें कहीं। मोरारी बापू की मानस अक्षयवट रामकथा पहले दिन शनिवार की शाम चार बजे से सात बजे तक होगी।
अक्षयवट में जलाभिषेक और पोथी अर्पण के बाद मोरारी बापू अरैल स्थित कथास्थल पर पहुंचे। वहां रामकथा के लिए तैयार व्यासपीठ की भव्यता और पंडाल की आकर्षक सजावट उन्होंने देखी। शनिवार को कथा शाम चार से सात बजे तक होगी। जबकि रविवार से सुबह 9:30 से दोपहर 1:30 बजे तक रामकथा का लोग आनंद ले सकेंगे। कथा स्थल की हर गतिविधियों पर सुरक्षा की दृष्टि से नजर रखी जाएगी। इसके लिए सौ से अधिक कैमरे लगाए गए हैं।
कथास्थल पर ही प्रतिदिन श्राम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। संत कृपा सनातन संस्थान की ओर से इस रामकथा के लिए 11 लाख स्क्वायर फीट एरिया में भव्य पंडाल बनाया गया है। जर्मन तकनीक पर हैंडर स्टाइल में बने इस पंडाल में स्प्रिंगलर्स लगाए गए हैं, ताकि कथा के दौरान मानस प्रेमियों को गर्मी का अहसास ना हो। कथा स्थल पर पहुंचने वाले सभी सड़कों एवं चौराहों को रोशनी से गुलजार किया जा चुका है। रामकथा सुनने के लिए राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, यूपी, बिहार, झारखंड, दिल्ली सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालुओं के देर रात तक पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। रामकथा प्रेमियों के लिए पंडा में ही सुबह नाश्ता, दोपहर तथा शाम को भोजन के रूप में प्रभु प्रसाद दिया जाएगा।
मोरारी बापू अहमदाबाद से विशेष विमान से चलकर शाम चार बजे बम्महरौली एयरपोर्ट पहुंचे। वहां संतों-भक्तों ने उनका जोरदार स्वागत किया। एयरपोर्ट पर कथा के मुख्य यजमान मदन पालीवाल, महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, मंत्रराज पालीवाल, रविंद्र जोशी, रूपेश व्यास, विकास पुरोहित, प्रकाश पुरोहित,ने मोरारी बापू की अगवानी की।
280 देशों में होगा कथा का सीधा प्रसारण
रामकथा का आस्था चैनल पर 280 देशों में सीधा प्रसारण किया जाएगा। आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों के साथ ही आस पास के भी लोगों में जबरदस्त उत्साह है। पंडाल में दिन भर लोगों की भीड़ लगी रही।