होलागढ़ के बरई हरखपुर गांव में जिस तरह शुक्रवार को एक ही परिवार के चार लोगों को मौत के घाट उतारा गया, वह सोरंाव के यूसुफपुर में हुए हत्याकांड से बहुत मेल खाता है। दोनों हत्याकांडों में काफी समानताएं हैं और इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि दोनों हत्याकांड में एक ही गिरोह शामिल है। पुलिस अफसरों का कहना है कि इस बिंदु को भी ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
होलागढ़ हत्याकांडः सोरांव के युसुफपुर में इसी तरह पांच लोगों की हुई थी हत्या, आज तक नहीं हुआ खुलासा
सोरांव के यूसुफपुर में सात महीने पहले एक ही परिवार के पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था। पुलिस अब तक इस मामले का ख्ुालासा नहीं कर सकी है। शुक्रवार को होलागढ़ में एक परिवार के चार लोगों की हत्या की वारदात ने यूसुफपुर हत्याकांड की यादें भी लोगों के जेहन में ताजा कर दीं। एक खास बात यह कि दोनों हत्याकांडों में कई समानताएं भी हैं।
यूसुफपुर हत्याकांड में पट्टीदारों को नामजद कराया गया था लेकिन सबूत न मिलने पर पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। एक समानता यह भी है कि घटना को लूट के लिए हत्या का रूप देने की भी कोशिश की गई। लेकिन दोनों ही परिवारों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि घर को लूट के लिए निशाना बनाया जाए। ऐसे में यह भी आशंका है कि दोनों वारदातों में कहीं एक ही गिरोह शामिल न हो। पुलिस अफसरों का कहना है कि बेहद गंभीरता से इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है।
पांच टीमें लगाई र्गईं: एसएसपी
एसएसपी अभिषेक दीक्षित का कहना है कि पता चला है कि पूर्व में भी इसी तरीके से हत्याकांडों को अंजाम दिया गया। ऐसे में उन मामलों की पड़ताल के दौरान सामने आए तथ्यों को भी जुटाया जा रहा है। होलागढ़ हत्याकांड के लिए कुल पांच टीमें गठित की गई हैं जिनमें से एक टीम को सीमावर्ती जिलों में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्व में हुए सामूहिक हत्याकांडों में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए अपराधियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है कि वह वर्तमान में कहां हैं ओर उनकी गतिविधियां क्या हैं। सभी थानों को रात में पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार हो रही वारदातों के बावजूद पुलिसकर्मी सचेत नहीं हो रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।