होलागढ़ के बरई हरखपुर में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने शक के आधार पर पड़ोसी गांव में रहने वाले होमगार्ड के बेटे समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे देर रात तक पूछताछ जारी रही। इससे पहले पुलिस ने होमगार्ड के घर पहुंचकर भी पूछताछ की। साथ ही डॉग स्क्वॉयड को लेकर गांव में घंटों जांच पड़ताल में जुटी रही।
होलागढ़ हत्याकांड: पड़ोसी गांव के होमगार्ड के बेटे समेत दो को उठाया, पूछताछ जारी
बरई हरखपुर में रहने वाले विमलेश पांडेय, उनके बेटे प्रिंस व दो बेटियों सृष्टि व श्रेया की बृहस्पतिवार रात नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस मामले में विमलेश के भाई की ओर से अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जांच मेें जुटी सोरांव पुलिस और एसओजी शनिवार सुबह 11.30 बजे के करीब घटनास्थल पर पहुंची।
कुछ देर बाद टीम घटनास्थल से करीब 300 मीटर की दूरी पर स्थित लालपूरा गांव में रहने वाले होमगार्ड के घर पहुंची और कुछ देर तक पूछताछ करने के बाद वापस चली आई। करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस फिर से होमगार्ड के घर पहुंची, जिसके बाद होमगार्ड के बेटे व उसके एक रिश्तेदार को बुलाकर करीब एक घंटे तक पूछताछ की गई।
इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर कुछ पुलिसकर्मी चले गए, जबकि अन्य पुलिसकर्मी होमगार्ड के घर में ही मौजूद रहकर जांच में जुटे रहे। इस मामले में पुलिस अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हुए लेकिन सूत्रों के मुताबिक, मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से पुलिस को कुछ जानकारियां मिलीं जिसे बाद ही शक के आधार पर होमगार्ड के बेटे व उसके एक रिश्तेदार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
मृतक के मोबाइल से की कॉल, आया शक के घेरे में
सूत्रों के मुताबिक, होमगार्ड के बेटे को हिरासत में लिए जाने की वजह उसका मृतक के मोबाइल से कॉल किया जाना था। दरअसल, पुलिस को घटनास्थल से केवल मृतक वैद्य की दोनों बेटियों के मोबाइल फोन मिले थे। जबकि वैद्य व उनके बेटे प्रिंस का मोबाइल गायब था। हालांकि, यह रात में ही स्विच ऑफ हो गया था। घटना के बाद ही दोनों नंबर सर्विलांस पर लगा दिए गए थे।
शनिवार सुबह हड़कंप तब मचा जब मृतक विमलेश के मोबाइल से पड़ोसी गांव में रहने वाले होमगार्ड के पास कॉल की गई। इसके फौरन बाद पड़ताल शुरू हुई तो पता चला कि होमगार्ड शहर में ड्यूटी पर है और उसके पास बेटे ने कॉल की थी। होमगार्ड के घर पहुंचकर पुलिस ने उसके बेटे से पूछताछ शुरू की तो उसने बताया कि उसे सुबह मोबाइल रास्ते में पड़ा मिला था, जिसके बाद उसने उससे अपने पिता को कॉल किया।
चौंकाने वाली बात यह रही कि जब मांगने पर वह मोबाइल नहीं दिखा सका। बार-बार यही कहता रहा कि यह पता चलने पर कि मोबाइल वैद्य का है, उसने इसे फेंक दिया। हालांकि मोबाइल कहां फेंका, इस बाबत वह घंटों पूछताछ के बाद भी जानकारी नहीं दे सका। जिसके बाद पुलिस ने शक के आधार पर उसे व उसके एक रिश्तेदार युवक को हिरासत में ले लिया।