गंगा और यमुना के जलस्तर में बृहस्पतिवार से शुरू हुई कमी शुक्रवार को भी जारी रही। पिछले 24 घंटों में गंगा 72 सेंटीमीटर तो यमुना का जलस्तर एक मीटर से अधिक कम हुआ है। इससे दोनों नदियों के तटीय इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है। जलस्तर में गिरावट देर रात तक जारी रही। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों ही नदियों में फिलहाल पानी घटेगा। क्योंकि न तो गंगा में कहीं से पानी छोड़ा गया है और न ही यमुना में। बारिश भी थमी हुई है। हालांकि, जलस्तर मेें कमी होने के बावजूद बाढ़ का खतरा बना हुआ है। दोनों नदियां देर रात तक खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं थीं।
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prayagraj news : गंगा यमुना का जलस्तर तेजी से घट रहा है।
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बाढ़ नियंत्रण इकाई की रिपोर्ट के मुताबिक गंगा का जलस्तर शुक्रवार की रात आठ बजे फाफामऊ में 85.13 मीटर रिकार्ड किया गया जबकि छतनाग में यह 84.09 पर था। यह खतरे के निशान से मात्र नौ सेंटीमीटर अधिक है। जबकि, यमुना खतरे के निशान से 73 सेंटीमीटर ऊपर बह रहीं थीं। यमुना का जलस्तर रात आठ बजे 84.73 मीटर पर आ गया था जो कि बृहस्पतिवार की रात आठ बजे के मुकाबले 1.09 मीटर कम है।
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prayagraj news : बाढ़ का पानी घटने के बाद मुहल्ले पट गए कचरे से।
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रिपोर्ट के मुताबिक गंगा के मुकाबले यमुना का पानी अधिक कम हुआ है। इस समय यमुना प्रतिघंटा 19 सेंटीमीटर की रफ्तार से घट रहीं हैं। उधर टोंस नदी में पानी बढ़ने से रात आठ बजे इस गिरावट में कमी आई। रात आठ बजे से यमुना का जलस्तर कम होने की रफ्तार घटकर सात सेंटीमीटर प्रति घंटे पर आ गई। जबकि, गंगा का जलस्तर छह सेंटीमीटर की रफ्तार से घटना जारी था। दोनों नदियों के जलस्तर में गिरावट आने से छतनाग में गंगा रात 10 बजे खतरे के निशान से नीचे आ गईं।
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prayagraj news : बाढ़ से प्रभावित लोग पलायन करते हुए।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार के मुताबिक गंगा और यमुना दोनों ही नदियों के जलस्तर में गिरावट जारी रहेगी। क्योंकि, गंगा में कानपुर, नरौरा और हरिद्वार और यमुना में केन, बेतवा, चंबल कहीं से भी पानी नहीं छोड़ा गया है। अगर बारिश नहीं हुई तो आने वाले 24 घंटों में पानी तेजी से घटेगा।
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prayagraj news : गंगा यमुना का जलस्तर तेजी से घट रहा है।
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इसके पहले शुक्रवार की सुबह आठ बजे गंगा 56 सेंटीमीटर और यमुना 51 सेंटीमीटर घटीं थी। उसके बाद गंगा छह तो यमुना आठ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहीं थीं। दोपहर 12 बजे छतनाग का पानी 14 सेंटीमीटर प्रतिघंटे घटने लगा था। लेकिन, उसके बाद उसमें भी कमी आई। शाम चार बजे यह गिरावट आठ सेंटीमीटर प्रतिघंटा हो गई। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक टोंस में पानी आने से यह कमी हुई है। उनके मुताबिक जलस्तर में जिस तरह से गिरावट हो रही है। उससे यही अनुमान है कि यमुना का जलस्तर शनिवार की सुबह तक खतरे के निशान से नीचे आ जाएगा। जबकि, गंगा का जलस्तर शनिवार की दोपहर बाद नीचे आने की संभावना है।