प्रयागराजः गुजरात की वीणा किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर घोषित
बताया, माघ मेला में पांच महामंडलेश्वर, 12 पीठाधीश्वर और महंत बनाए जाएंगे। सभी का पट्टाभिषेक हरिद्वार कुंभ में किया जाएगा। जो किन्नर किन्हीं कारणों से सनातन धर्म छोड़कर दूसरे धर्मों में चले गए थे, उनकी वापसी भी शुरू हो गई है। ऐसे किन्नरों को योग्यता के आधार पर अखाड़े में पद दिया जाएगा। आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण ने कहा कि जो लोग गरीबी और उपेक्षा के कारण धर्म बदल रहे थे, उनको मान-सम्मान व उचित संरक्षण नहीं मिला तो सनातन धर्म का नुकसान होने से नहीं रोका जा सकता।
किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वरों-महंतों ने गंगा में लगाई डुबकी
माघ मेले के तीसरे मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर शुक्रवार को किन्नर अखाड़े के संतों-महंतों और पीठाधीश्वरों ने गंगा में डुबकी लगाई। अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी के नेतृत्व में किन्नर संतों ने हरिश्चंद्र मार्ग स्थित गंगा घाट पर मौन स्नान किया। किन्नर संतों ने स्नान के बाद पूजा की और फिर दान भी किया। आचार्य महामंडलेश्वर ने बताया कि मौनी अमावस्या पर स्नान के बाद दान करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। गंगा में स्नान करने वालों में किन्नर अखाड़े की उत्तर भारत की प्रभारी महामंडलेश्वर भवानी मां, महामंडलेश्वर पवित्रा माई, महामंडलेश्वर टीना मां, महामंडलेश्वर नीलू, महामंडलेश्वर पूजा बंटी, महामंडलेश्वर वीणा कुंवर, पीठाधीश्वर मोना मां समेत अन्य पदाधिकारी व बड़ी संख्या में किन्नर संत शामिल थे। महामंडलेश्वर टीना मां ने बताया कि माघ मेले में किन्नर अखाड़े का शिविर संगम लोवर हरिश्चंद्र मार्ग पर माघी पूर्णिमा को नौ फरवरी तक लगा रहेगा।