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Corona : गांवों में लगातार मौतें, स्वास्थ्य सुविधाएं ठप, कई गांवों में आज तक नहीं पहुंचीं टीमें

Sun, 23 May 2021 01:28 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 23 May 2021 01:28 AM IST
सार

  • जिले के कई गांवों में आज तक नहीं पहुंची स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम
  • फाइलों में सर्वे, छिड़काव, किट और जांच में तेजी से चल रहा काम, हकीकत बिल्कुल उलट

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Corona: Continuous deaths in villages, health facilities stalled, teams not reached in many villages till date
prayagraj news : दारागंज घाट पर आमतौर पर यह दृश्य देखने को नही मिलता, मंगलवार को घाट किनारे कई शवों को एक साथ अंतिम संस्कार करते दिखे लोग। - फोटो : prayagraj

तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं, ये दावा किताबी है। कवि अदम गोंडवी की यह पंक्तियां आज के ग्रामीण परिदृश्य में बिलकुुल सही बैठ रही हैं। कोरोना संक्रमण ग्रामीण इलाकों में तेजी से पांव पसार रहा है। शासन के दावों और हकीकत में बड़ा अंतर नजर आ रहा है। गांवों में लगातार मौतें हो रही हैं। न तो जांच हो रही है न ही दवाओं के इंतजाम हैं। हालत यह है कि शायद ही कोई ऐसा गांव बचा हैं जहां पिछले एक महीने में कई मौतें न हुई हों। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि गांवों में अब तक दो बार स्वास्थ्य सर्वे किया जा चुका है लेकिन कई गांवों के प्रधानों का कहना है कि उनके गांवों में स्वास्थ्य विभाग की कोई नहीं आज तक नहीं गई।

Corona: Continuous deaths in villages, health facilities stalled, teams not reached in many villages till date
prayagraj news : एसआरएन में मरीज को भर्ती कराने लेकर आते परिजन। - फोटो : prayagraj

शासन और प्रशासन का दावा है कि गांवों में संक्रमण अब घट रहा है। मौतों की संख्या भी कम हो रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सर्वे, सैनिटाइजेशन, दवा और किट का वितरण कर रही हैं लेकिन गंगापार और यमुनापार के तमाम इलाकों में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से बात हुई तो आंकड़े बिल्कुल उलट हैं। स्वास्थ्य सुविधाएं एकदम बैठ गई हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पिछले डेढ़ महीने में जितनी मौतें हुई हैं उतनी उन्होंने पूरी जिंदगी में नहीं देखा था। गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं वेंटिलेटर पर हैं। कहीं स्वास्थ्य केंद्रों पर ताले लटके हुए हैं तो कहीं डॉक्टर ही नहीं हैं। कई जगह तो दवाएं भी मरीजों के लिए उपलब्ध नहीं है।

Corona: Continuous deaths in villages, health facilities stalled, teams not reached in many villages till date
prayagraj news : एसआरएन में मरीज को भर्ती कराने लेकर आते परिजन। - फोटो : prayagraj

फार्मासिस्ट के सहारे स्वास्थ्य सुविधाएं चल रही हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि इन हालातों में आखिरकार कैसे गांवों में कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाया जा सकेगा। गंगापार में बहादुरपुर, लालगोपालंगज, सैदाबाद, हंडिया, धनूपुर, फूलपुर, सहसों, बहरिया, प्रतापपुर, सोरांव, होलागढ़, कौड़िहार, श्रृंगवेरपुर, मऊआइमा, नवाबगंज में फैल रहे कोरोना ने स्वास्थ्य विभाग की ग्रामीण स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। गांव स्तर की स्वास्थ्य व्यवस्था आशाओं पर टिकी हुई है। कोरोना का उपचार देहात में पैरासिटामोल टैबलेट के बल पर किया जा रहा है। गांव स्तर पर हो रही लापरवाही के चलते ग्रामीणों की जान खतरे में है। 

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prayagraj news : एसआरएन में मरीज को भर्ती कराने लेकर आते परिजन। - फोटो : prayagraj

कोटवा प्रधान संकर्षण सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई सहयोग ही नहीं मिल रहा है। गांव में सैनिटाइजेशन भी प्रधान अपने खर्चे पर करा रहे हैं। गांव के पंकज, मनोज ने बताया कि यहां स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को रामभरोसे छोड़ दिया है। जमुनीपुर ग्रामसभा के प्रधान धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी का कहना है कि सबकुछ अपनी ओर से कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अभी तक हमारा हाल भी पूछने नहीं आए हैं। गांव के सौरभ और उमेश का कहना है कि हर घर में कोई न कोई बीमार है लेकिन स्वास्थ्य विभाग उदासीन बना हुआ है।

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prayagraj news : एसआरएन में मरीज को भर्ती कराने लेकर आते परिजन। - फोटो : prayagraj

लीलापुर कला गांव के अशोक और रमेश का कहना है कि गांवों के हालात बद से बदतर हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी सुध नहीं है। सोरांव के कृष्णापुर गांव की प्रधान अर्चना पटेल ने बताया कि आज तक स्वास्थ्य विभाग का कोई भी डाक्टर उनके गांव में नहीं पहुंचा। रामनगर गांव प्रधान मनीष गुप्ता ने बताया कि ग्राम निगरानी समिति ही घरों में जाकर लोगों का हाल ले रही है। स्वास्थ्य विभाग की कोई भी सर्वे टीम आज तक गांव नहीं आई है। सोरांव के प्रधान शाहिद अली ने बताया कि उन्होंने अपने निजी मद से ट्रैक्टर और जेसीबी लगाकर गांव मुहल्ले की सफाई कराई।

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