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पीएम के आह्वान पर कोरोना के खिलाफ संगमनगरी हुई एकजुट

Sun, 22 Mar 2020 06:00 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 22 Mar 2020 06:00 PM IST
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Consolidation against Corona united on PM's call
prayagraj news - फोटो : prayagraj

तीसरे चरण में पहुंचे कोरोना वायरस से बचने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के जनता कर्फ्यू के एलान पर रविवार को संगमनगरी में पहली बार एकजुटता मिसाल बन गई। चाहे कर्फ्यू रहा हो या फिर भारत बंद या प्रदेश बंद का किसी राजनीतिक दल व सामाजिक संगठन का एलान, लेकिन ऐसी बंदी कभी देखी नहीं गई थी। बड़े-बुजुर्गों को भी याद नहीं है कि कभी उनके बचपन या किशोरावस्था के दिनों में ऐसा सन्नाटा सड़कों पर पसरा रहा हो।



जनता कर्फ्यू के समर्थन में सामाजिक, धार्मिक व व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों की एकजुटता का भी असर रविवार को सड़कों पर साफ दिखा। इसे लोगों का धैर्य कहें या समझदारी या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का प्रभाव, लेकिन जनता कर्फ्यू में लोग निकले नहीं। चाहे चौराहे हों या फिर तिराहे। रातों रात हर जगह कोरोना वायरस के प्रति सजगता और पीएम मोदी की अपील पर जनता कर्फ्यू में हिस्सा लेने वाले होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टर इस बात की गवाही देते रहे कि इस आपदा की घड़ी में शहर कितना जागरूक है।

Consolidation against Corona united on PM's call
PIC - फोटो : अमर उजाला

त्रिवेणी संगम संगम तट पर न स्नानार्थी पहुंचे न पंडे- पुरोहित। प्रयागवाल तीर्थपुरोहित सभा के राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि इस आपदा की रोकथाम के लिए पीएम की अपील पर संगम क्षेत्र में किसी भी तरह का कर्मकांड व अनुष्ठान नहीं कराया गया। सिविल लाइंस स्थित हल्दीराम भुजिया वाले के पास रहने वाले 78 वर्षीय मुकुल जायसवाल बताते हैं कि चाहे जितने भी प्रभावशाली व्यक्ति, नेता या संगठन का आह्वान रहा हो, लेकिन अब तक के अपने जीवन में उन्होंने ऐसी बंदी कभी नहीं देखी थी।

यह पहला मौका है , जब पीएम नरेंद्र मोदी की एक अपी पर लोग घरों में अपनी मर्जी से कैद हो गए हैं। बेनी बांध के नीचे संगम के किनारे भूखमुक्त भारत अभियान के तहत भैया जी का दाल-भात भी लोगों को नहीं मिल सका। संगम पर गरीबों, श्रद्धालुओं और संतों को दालभात वितरण अगली सूचना तक के लिए स्थगित कर दिया गया। भूखमुक्त भारत के संकल्प के साथ नवंबर 2018 में इस अभियान की शुरुआत हुई थी।

Consolidation against Corona united on PM's call
PIC - फोटो : अमर उजाला
इसी तरह जनता कर्फ्यू के दौरान आर्य समाज के सभी मंदिरों में रविवार को सत्संग नहीं हुआ। इस दौरान सिर्फ आर्य समाज के पुरोहित और सेवकों ने यज्ञ कर कोरोना माहामारी के नाश के लिए आहुति दी। उधर, गुरुद्वारा साध संगत अलोपीबाग में भी रविवार को गुरुवाणी और शबद-कीर्तन स्थगित कर दिया गया। गुरुद्वारा कमेटी केअध्यक्ष मलकियत सिंह बाजवा ने बताया कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर गुरुद्वारे में अब अगली सूचना तक सारे कार्यक्रम स्थगित रहेंगे।


इसी तरह जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए व्यापारि, धार्मिक संगठनों की अपीलें, उनका नेतृत्व भी काम आया। नमामि गंगे के तहत गंगा विचार मंच,सिविल लाइंस व्यापार मंडल, प्रयाग व्यापार मंडल, प्रयाग केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन, पीडब्ल्यूडी नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ, इरिगेशन मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के अलावा अन्य संगठनों ने एकजुटता का परिचय दिया। 
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