फाफामऊ थाना क्षेत्र के गोहरी गांव में माता-पिता और चार लोगों की हत्या से पूरा गांव सहम गया है। हत्या किसलिए की गई है यह बहुत बड़ा सवाल पुलिस के सामने खड़ा हो गया है। मृतक के परिवार इतना संपन्न भी नहीं था कि लूटपाट के इरादे से हत्या की जा सकती है।
चार लोगों की हत्या का मामला : रंजिश, दुष्कर्म या कुछ और, क्या है हत्याकांड का राज
परिवारवालों ने रंजिश का आरोप लगाया है लेकिन सवाल यह है कि क्या महज जमीनी रंजिश में इतनी जघन्य वारदात को अंजाम दिया जा सकता है। किसी रंजिश में वारदात की गई होती तो हत्यारे सिर्फ मुखिया को निशाना बनाते।
परिवारवालों ने रंजिश का आरोप लगाया है लेकिन सवाल यह है कि क्या महज जमीनी रंजिश में इतनी जघन्य वारदात को अंजाम दिया जा सकता है। किसी रंजिश में वारदात की गई होती तो हत्यारे सिर्फ मुखिया को निशाना बनाते। आखिर पत्नी व बच्चों को क्यों मौत के घाट उतारा गया।
घटना में मारी गई किशोरी महज 17 साल की है, ऐसे में एक सवाल यह भी है कि कहीं हत्यारों के निशाने पर वह तो नहीं थी। जिसके कारण पूरे परिवार को मौत केघाट उतार दिया गया हो। पुलिस का दावा है कि मौके से बरामद हथियार ही घटना में प्रयुक्त हुए। सवाल यह है कि हत्यारे मौके पर हथियार छोड़कर क्यों भागे? जबकि इनके जरिए पुलिस उन तक पहुंच सकती है।
घटना के बाद आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मृतक के भाई और सीमा सुरक्षा बल में तैनात जवान किशन से पूछताछ की। इसके अलावा गांव के लोगों से भी परिवार से दुश्मनी के बारे में बातचीत की, लेकिन कुछ खास आधार पुलिस के हाथ नहीं लगा।
स्नफर डॉग के माध्यम से भी काफी देर तक जांच की गई, लेकिन खोजी कुत्ता घर के आसपास और खेत की ओर जाकर लौट आया। घटना को लेकर गांव में काफी आक्रोश दिखा। करीब चार घंटे तक गांव के लोगों ने पुलिस को शव के करीब नहीं आने दिया। पुलिस अधिकारियों के काफी समझाने बुझाने के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लेने के लिए सफल हुई।
बताया जाता है कि मंगलवार के बाद से परिवार का कोई भी सदस्य घर के बाहर नहीं दिखा था। घर का दरवाजा भी खुला था। आशंका जाहिर की जा रही है कि हत्या दो दिन पहले ही हो गई थी। यही कारण था कि पोस्टमार्टम के लिए ले जाते समय शवों से दुर्गंध उठ रही थी। गुरुवार की सुबह गांव का एक युवक घर में घुसा तो उसे घर में चारों तरफ सन्नाटा दिखा। इसके बाद उसने मृतक फूलचंद के भाई लालचंद को इसकी जानकारी दी। लालचंद जब घर में घुसा तो खून से लथपथ शव देखकर सन्न रह गया। उसकी चीख पुकार सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंच गए और देखते ही देखते हत्या की खबर पूरे इलाके में जंगल में आग की तरह फैल गई।
बताया जाता है कि फूलचंद मेहनत मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाता था। परिवार के पास आय का और कोई जरिया नहीं था। इनका मकान भी कच्चा था और चारों तरफ छोटी चहारदीवारी बनाई गई थी। पुलिस के साथ आया खोजी कुत्ता चहारदीवारी के अंदर कई चक्कर लगाता रहा लेकिन इसके बाद वह और कोई सुराग नहीं लगा सका। घर के बाहर कुल्हाड़ी और अन्य धारदार हथियार पड़े थे। संभावना जताई जा रही है कि इन्हीं हथियारों से चारों को मौत के घाट उतारा गया है।