बाहुबली विधायक विजय मिश्र का करोड़ों का मकान ढहाए जाने को परिजन गलत बता रहे हैं। लेकिन कमिश्नर कोर्ट में उनकी ओर से की गई अपील पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की दलीलें भारी पड़ीं। अफसरों ने बताया कि मकान में केवल भूतल व प्रथम तल के निर्माण की अनुमति थी लेकिन नियमविरुद्ध तरीके से दूसरे तल का भी निर्माण करा लिया गया। इसके साथ ही पीडीए की ओर से प्रस्तुत की गई कई और दलीलें भी भारी पड़ीं और यही वजह रही कि कमिश्नर को अपील निरस्त करनी पड़ी। जिसके बाद पीडीए ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
बाहुबली विधायक विजय मिश्र को एक की थी अनुमति, नियम विरुद्ध तरीके से बना लिया बंगले का दूसरा तल
कमिश्नर कोर्ट में विजय मिश्र के परिजनों की ओर से बताया गया कि उक्त मकान को डॉ. सीताराम गुप्ता से खरीदा गया था, जिसमें उनकी सास व पत्नी आधे-आधे की हकदार थीं। यह भी दावा किया गया कि मकान का मानचित्र विक्रेता को ही प्राधिकरण की ओर से 1980 में जारी किया गया। उधर, पीडीए की ओर से दलील दी गई कि उक्त मानचित्र में केवल भूतल व प्रथम तल के निर्माण की अनुमति है, ऐसे में यह अवैध है।
इसके अलावा विक्रय के संबंध में जो भी अभिलेख प्रस्तुत किए गए, वह केवल 190 वर्ग मीटर जमीन से संबंधित हैं, जबकि मकान का निर्माण कुल 300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाली भूमि में हुआ है। द्वितीय तल के निर्माण के संबंध में पीडीए की ओर से यह भी बताया गया कि भवन स्वामिनी की ओर से पीडीए के समक्ष 20 अक्तूबर को शमन किए जाने से संबंधित प्रार्थनापत्र भी प्रस्तुत किया गया। जिससे साफ है कि बिना नक्शा पास कराए ही मकान में अतिरिक्त निर्माण कराया गया।
पीडीए की ओर से यह भी बताया कि तीन मंजिला मकान में फ्रंट, रियर व साइड सेटबैक नहीं छोड़ा गया है। इसके अलावा तलों का निर्माण फ्लोर एरिया के निर्धारित अनुपात से भी अधिक है। पीडीए की यही दलीलें विधायक के परिजनों की ओर से की गई अपील पर भारी पड़ी जिसके बाद इसे निरस्त कर दिया गया।
मकान कुर्क होने पर भी पीडीए को कार्रवाई का अधिकार
प्रयागराज। कमिश्नर कोर्ट में पीडीए की ओर से यह भी बताया गया कि गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क संपत्ति पर उप्र नगर नियोजन व विकास अधिनियम 1973 के तहत कार्रवाई करने पर रोक नहीं है। दरअसल विधायक के परिजनों की ओर से की गई अपील में यह भी बताया गया था कि मकान जिला मजिस्ट्रेट के आदेश से 2009 से कुर्क है और परगना अधिकारी हंडिया की सुपुर्दगी में चला आ रहा है। पीडीए के जोनल अधिकारी सत शुक्ला का कहना है कि कार्रवाई सभी नियमों का पालन करते हुए की गई।