उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में आश्वासन दिया है कि 31 मार्च तक सभी जिला अदालतों को फुलपूफ सुरक्षा उपलब्ध करा दी जाएगी। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने हलफनामा दाखिल कर सुरक्षा के संबंध में अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी दी। कोर्ट ने राज्य सरकार को अदालतों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव से इस मामले में 28 जनवरी को व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है।
कोर्ट में हाजिर हुए अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि 15 फरवरी तक 69 अदालतों में सीसीटीवी और अन्य सुरक्षा उपकरण चालू हो जाएंगे। 31 मार्च तक सभी अदालतों की सुरक्षा चुस्त दुरुस्त कर दी जाएगी। बिजनौर जिला अदालत में हाजिर आरोपी की हत्या की घटना को लेकर गठित स्पेशल बेंच इस मामले पर जनहित याचिका कायम कर सुनवाई कर रही है।
न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खंडपीठ ने राज्य सरकार को सुरक्षा के इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए। याचिका पर राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल, उन्नाव बार एसोसिएशन की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता वीएम जैदी, उत्तर प्रदेश बार कौंसिल की तरफ से अधिवक्ता आनंद कुमार सिंह ने पक्ष रखा। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि अदालतों में सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। दो जिला अदालतों के लिए अभी जमीन अधिगृहीत की जानी है।
छह जिला अदालतों के लिए अधिग्रहीत होनी है जमीन
प्रयागराज। कोर्ट के यह पूछने पर क्या 31 मार्च तक प्रदेश की सभी अदालतों मेें सुरक्षा उपकरणों को पूरी तरह से चालू हालत में करके सभी जिला जजों को सुपुर्द कर दिया जाएगा। इस पर बताया गया कि छह जिला अदालतों के लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य कार्य होने अभी बाकी हैं। इनको छोड़कर बाकी में सुरक्षा इंतजाम पूरे कर लिए जाएंगे।
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अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सुरक्षा उपकरणों को लगाने और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी ईसीआई एल कंपनी को दी गई है। इस मामले में जिला जजों का भी सहयोग मिल रहा है। कोर्ट ने इटावा के जिला जज की रिपोर्ट का हवाला दिया और कहा कि सुरक्षा उपकरण चालू हालत में नहीं हैं, जिसकी वजह से उन्होंने चार्ज लेने से इंकार कर दिया है। अपर मुख्य सचिव का कहना था कि जब तक जिला जज चार्ज नहीं लेंगे तब तक वह चालू हालत में नहीं हो सकते ।
सरकार की जिम्मेदारी है अदालतों की सुरक्षा
सुनवाई कर रही पीठ ने कहा कि अदालतों को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने 28 जनवरी को छह जिला अदालतों मथुरा, शामली, अमेठी, सोनभद्र, संभल व हाथरस की सुरक्षा की जानकारी मांगी है। विशेष सुरक्षा बल के मामले में अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इस संबंध में कार्यवाही शुरू हो गई है। प्रशिक्षण दिया जा रहा है और शीघ्र ही प्रशिक्षित सुरक्षा बल के लोग अदालतों में तैनात कर दिए जाएंगे ।