हाथरस में सौतेली मां ने तमन्ना के पैर पकड़े थे और नाना ने हाथ, पिता ने छुरे से प्रहार कर काट गला दिया था। यह खुलासा पिता हसरत अली ने पुलिस की पूछताछ में किया है। उसने बताया कि उसने धड़ को पहले प्लास्टिक की पन्नी में लपेटा और फिर बोरे में बांधकर फेंक दिया था। सिर उसके ससुर रज्जो पहलवान ने ठिकाने लगाया था।
पिता ने बताया कि जुलाई महीने में दूसरी बार उसकी बेटी तमन्ना अपनी मर्जी से किसी लड़के के साथ चली गई थी। दो दिन बाद वह वापस आई, तब उसे मैंने डांटा और पीटा था। आठ अगस्त को वह फिर से घर से निकल गई, इस बार हमने उसे पनैठी पुल के पास पकड़ा था।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद उसने अपने ससुर रज्जो पहलवान से बात की। उन्होंने कहा कि उसे वहीं मारकर फेंक दो, एक बार में ही क्लेश कट जाएगा, तब हमने कहा कि यहां काफी भीड़ होती है, ऐसा करना संभव नहीं है। रज्जो पहलवान ने कहा इसे लेकर अल्हैपुर आ जाओ। इसके बाद हसरत अली अपनी पत्नी रानी के साथ बाइक से तमन्ना को लेकर अपनी ससुराल पहुंचा।
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इसी चाकू से सिर धड़ से अलग किया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्या से पहले बनवाया हुआ था पसंद का मुर्गा
वहां उसकी पसंद का मुर्गा बनवाया हुआ था, उसमें उसे नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। वह सुधबुध खो बैठी, जिसके बाद हसरत और उसकी पत्नी रानी उसे अपने बीच बाइक पर बैठाकर अल्हैपुर झाल पर ले गए, जहां रज्जो पहलवान भी पहुंच गया।
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इसी रजबहे में मिला था धड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रजबहे पर की तमन्ना की हत्या
इस दौरान बारिश हो रही थी। वहां से करीब 300 मीटर आगे रजबहे पर तमन्ना की हत्या कर दी। छुरा वहीं पीपल के पेड़ के पास झाड़ियों में छिपा दिया। इसके बाद तीनों हत्यारोपी अल्हैपुर पहुंचे और वहां कपड़े बदले।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी नाना और पिता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना वाली रात को ही करीब तीन बजे के यह वापस अलीगढ़ लौट गए। रज्जो अपने गांव में ही रह गया। पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर छुरा, एक टाट की बोरी और घटना प्रयुक्त बाइक बरामद कर ली है।