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इस फार्मूले से अवैध शराब को बनाया जा रहा 'जहरीला', सच्चाई जानकर पीने वाले पीना छोड़ देंगे
Thu, 30 May 2019 02:59 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 30 May 2019 02:59 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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सस्ती शराब और ज्यादा नशा...इसी फार्मूले पर अवैध शराब को जहरीला बनाया जा रहा है। शराब में नींद की गोलियां, यूरिया, ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन तक डाले जा रहे हैं। कहीं इथेनॉल की जगह मिथेनॉल का इस्तेमाल हो जाता है, तो पीने वाले थोड़ी देर में मर जाते हैं, वरना धीरे-धीरे तो जिंदगी खो ही रहे हैं। यह जहरीली सच्चाई जानकर पीने वाले शराब को हाथ लगाने से हजार बार सोचेंगे।
शराब कांड के बाद हाहाकार
- फोटो : अमर उजाला
अब बाराबंकी और सीतापुर में जहरीली शराब का कहर टूटा है। इससे पहले सहारनपुर और उत्तराखंड के रुड़की में मौत का आंकड़ा सौ पार कर गया था। चार साल पहले एटा में 37 लोगों की जान गई थी। आगरा, मेरठ, मुरादाबाद, झांसी, अलीगढ़ मंडल के जिलों से आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला में अवैध शराब के सैंपल जांच के लिए आते हैं। पिछले दो महीनों में चुनाव के दौरान 500 से ज्यादा सैंपल आए हैं।
आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला
सैंपल के परीक्षण से पता चला है कि अवैध शराब में नींद की गोलियां, यूरिया, ऑक्सीटोसिन (हार्मोन), नौसादर, वाशिंग पाउडर के इंजेक्शन मिलाए जा रहे हैं। इसी से वो जहरीली हो रही है। कई सैंपल में मिथाइल एल्कोहल पाया गया है। दरअसल, एथाइल और मिथाइल में गंध, रंग और स्वाद से फर्क नहीं हो पाता है। दोनों लगभग एक जैसे होते हैं। अंतर केवल रासायनिक परीक्षण से होता है। जो लोग मिथाइल अल्कोहल पी लेते हैं, उनके शरीर में रिएक्शन होता है जो उनकी जान ले लेता है।
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एंबुलेंस में मरीजों के साथ परिजन (बाराबंकी की तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विशेषज्ञों के मुताबिक शराब में इथाइल अल्कोहल होता है, जो जानलेवा नहीं होता। किंतु शराब में मेथेनॉल मिलाने से यह जहर बन जाता है। 15 एमएल से ज्यादा मेथेनॉल शरीर में पहुंचते ही केमिकल रिएक्शन शुरू कर देता है। यह तेजी से फार्मिक एसिड बनाने लगता है। इससे शरीर का मेटाबोलिज्म टूट जाता है। सबसे पहले एल्कोहलिक रेटिनोपैथी से आंख की रोशनी जाती है। रक्त में अम्ल घुलने से मस्तिष्क, किडनी, दिल एवं फेफड़े खराब होने लगते हैं। खून में ऑक्सीजन खत्म हो जाती है और ब्लडप्रेशर लगातार कम हो जाने से मरीज की मौत हो जाती है।
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एटा में कार्रवाई करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ बीके अग्रवाल का कहना है कि नकली शराब में मिथायल एल्कोहल होती है, जो अधिक मात्रा में जहर का कार्य करती है। इसके सेवन से मस्तिष्क, हृदय, किडनी, आंखों को नुकसान पहुंचाती है। इससे मरीज की मौत भी हो जाती है।