आगरा जिला प्रशासन का दावा है कि यूपी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नकल विहीन परीक्षाएं संपन्न कराई जाएंगी, लेकिन परीक्षा केंद्रों का हाल देखकर आपके होश उड़ जाएंगे। टूटी हुई बेंच, उखड़ा हुआ फर्श और जंगले में खिड़की नहीं। यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए बनाए गए कई सेंटरों का यही हाल है। इन्हीं अव्यवस्थाओं के बीच विद्यार्थी परीक्षाएं देंगे।
सात फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इनके लिए 184 केंद्र बनाए गए हैं, अधिकांश कालेजों में मानकों की अनदेखी की गई है। बानगी के तौर पर विक्टोरिया इंटर कॉलेज की पड़ताल की तो यहां सबसे बुरा हाल मिला। कमरों में टूटी हुई बेंच हैं।
कॉलेज के कमरों का फर्श भी उखड़ा हुआ है। जंगलों में खिड़की नहीं है। कुछ कमरों में रोशनी की व्यवस्था तक नहीं है। यहां 453 विद्यार्थी परीक्षा देंगे।
विजय नगर कॉलोनी के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में भी कमोवेश यही हाल मिला। यहां जंगलों में खिड़की नहीं हैं, शीतलहर चल रही है, ऐसे में परीक्षार्थियों को परेशानी होगी। कुछ कमरों में फर्नीचर भी टूटा हुआ है। यहां 660 परीक्षार्थियों का सेंटर है।
शहर के आरबीएस इंटर कॉलेज में भी व्यवस्थाएं चौपट हैं। यहां भी खिड़कियां टूटी हुई हैं। वहीं डीआईओएस रविंद्र सिंह का कहना है कि सरकारी-एडेड स्कूलों को केंद्र बनाना प्राथमिकता थी, इनमें जो खामियां हैं, उनको सुधारने के लिए निर्देशित कर दिया है।