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ताजमहल: 371 दिन बाद अदा हुई नमाज, कम रही नमाजियों की संख्या, जानिए आखिर क्या है कारण
Sat, 20 Mar 2021 12:13 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 20 Mar 2021 12:13 AM IST
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ताजमहल
- फोटो : Amar Ujala
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ताजमहल की शाही मस्जिद में पूरे 371 दिनों के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा की गई। कोरोना संक्रमण के कारण बीते साल 17 मार्च को ताजमहल समेत सभी स्मारक पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए थे। बीते सप्ताह धार्मिक स्थलों को खोलने के स्थानीय प्रशासन के आदेश के बाद शुक्रवार को नमाजी ताजमहल पहुंचे। 13 मार्च, 2020 के बाद शुक्रवार को दोपहर में दो बजे ताजमहल की शाही मस्जिद में एक साल बाद अजान हुई और नमाजियों ने नमाज अदा की। सैयद मुनव्वर अली ने बताया कि मास्क और दो गज की दूरी का पालन करते हुए नमाज अदा की है।
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि 372 साल के इतिहास में ताजमहल पहली बार लगातार 188 दिनों तक कोरोना संक्रमण के कारण बंद रहा था। इससे पहले 1971 के भारत पाक युद्ध में 15 दिन और 1978 की बाढ़ में 7 दिन तक ही यह बंद रहा था। इतिहास का पहला मौका था जब शाहजहां का उर्स नहीं हुआ और पूरे छह महीने तक ताजमहल के अंदर बनी शाही मस्जिद में न ईद की नमाज हुई और ना ही जुमे की।
ताजमहल को सैनिटाइज करता कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
साल 2020 का आगाज जितना बेहतर हुआ, उतना ही बुरा बीता था। पर्यटन से जुड़े 4 लाख से ज्यादा लोगों के लिए यह कभी न भूलने वाला कड़वा अनुभव रहा। ट्रेड के 3 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन में उधार पर जिंदगी काटनी पड़ी। पहली बार 188 दिनों तक ताज बंद रहा, जिस वजह से पर्यटन उद्योग को 3 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा। अभी भी नुकसान की भरपाई शुरू नहीं हो पाई। पंचतारा होटल, एंपोरियम से लेकर छोटे दुकानदार और हॉकर तक की जिंदगी अभी पटरी पर नहीं आई है।
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सुनहरा ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के रिटायर्ड वरिष्ठ संरक्षण सहायक डॉ. आरके दीक्षित ने बताया कि ताजमहल का निर्माण 1632 से 1648 के बीच हुआ। इसके बाद से लेकर अब तक 372 सालों में ताज केवल तीन बार सैलानियों के लिए बंद किया गया। सबसे पहले 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान ताजमहल को पूरी तरह पेड़ों की टहनियों से ढक दिया गया था। युद्ध 4 से 16 दिसंबर तक चला था, लेकिन उसकी सफाई में दो दिन और लगने से यह पर्यटकों के लिए 4 से 18 दिसंबर तक बंद रहा था।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
साल 1978 में सितंबर के महीने में यमुना में बाढ़ आई। पर्यटक ताज से यमुना में पानी देखने पहुंचते थे। सुरक्षा की दृष्टि से तब सात दिन तक ताजमहल को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था। चमेली फर्श के नीचे तक पानी आ गया था। इसके बाद तीसरी बार ताजमहल कोरोना संक्रमण के कारण 17 मार्च से 20 सितंबर 2020 तक बंद रहा है।