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निखरेगा ताजमहल: मानसून के बाद होगा मुख्य गुंबद और तहखाने की कब्रों का मडपैक ट्रीटमेंट

Wed, 28 Jul 2021 11:08 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 28 Jul 2021 11:08 AM IST
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Taj Mahal Main Dome And Kabra Mud Pack After Monsoon
ताज के गुंबद पर संरक्षण कार्य करते कर्मचारी - फोटो : एएसआई

दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल की चमक बढ़ाने और पीलापन दूर करने के लिए किए जा रहे मडपैक ट्रीटमेंट का काम मानसून के बाद शुरू किया जाएगा। ताजमहल परिसर में केवल मकबरे के मुख्य गुंबद और तहखाने में मौजूद कब्रें मडपैक से बाकी रह गई हैं। मानसून से पहले ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने गुंबद की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है। इनले पीस लगाने और प्वाइंटिंग का काम करने के बाद गुंबद पर मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाकर सफाई कराई जाएगी। ताजमहल पर धूल कणों और कार्बन कणों के कारण पीलेपन की वैज्ञानिक रिपोर्ट के बाद संसदीय कमेटी की सिफारिशों के मद्देनजर संस्कृति मंत्रालय ने मडपैक ट्रीटमेंट शुरू कराया था, जिसमें ताज की चारों मीनारें, आर्च और चारों ओर की दीवारों के साथ गुंबद के अंदर का पूरा हिस्सा मडपैक से दमका दिया गया था, लेकिन गुंबद पर मडपैक न किए जाने से यह ताज के अन्य संगमरमरी हिस्सों से अलग नजर आता है।

Taj Mahal Main Dome And Kabra Mud Pack After Monsoon
ताज के गुंबद पर संरक्षण कार्य करते कर्मचारी - फोटो : एएसआई

गुंबद की भार वहन क्षमता तय होने के बाद एएसआई अधिकारी अब मडपैक ट्रीटमेंट का प्रस्ताव बनाकर दिल्ली भेज रहे हैं, जिसे मानसून के बाद कराया जाएगा। बारिश में तेज हवाओं के कारण गुंबद पर काम करना मुमकिन नहीं होगा। मडपैक भी बारिश में बेकार हो जाएगा, इसलिए अक्तूबर के बाद ही ट्रीटमेंट की योजना है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रसायन शाखा के अधीक्षण पुरातत्व रसायनविद एमके भटनागर के मुताबिक बारिश के दौरान मडपैक ट्रीटमेंट नहीं किया जा सकता, इसलिए बाद में यह काम कराया जाएगा। 

Taj Mahal Main Dome And Kabra Mud Pack After Monsoon
ताज के गुंबद पर संरक्षण कार्य करते कर्मचारी - फोटो : एएसआई
लॉकडाउन में जब ताजमहल पर्यटकों के लिए बंद रहा, तब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने मकबरे के मुख्य गुंबद और इसकी चारों बुर्जियों का संरक्षण किया। मकबरे के संगमरमरी गुंबद पर पच्चीकारी के पत्थर निकल गए थे। सफेद संगमरमर के गुंबद पर नीचे काले रंग का बार्डर बना हुआ है, जिसके इनले पीस संरक्षण केदौरान लगाए गए। 
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Taj Mahal Main Dome And Kabra Mud Pack After Monsoon
ताज के गुंबद पर संरक्षण कार्य करते कर्मचारी - फोटो : एएसआई
73 मीटर ऊंचे यानी 239.50 फीट ऊंचे ताजमहल के गुंबद के कलश पर झूला डालकर एएसआई के कर्मचारियों ने बड़ी कठिनाई भरे हालात में पच्चीकारी का काम पूरा किया। यहां हवा की रफ्तार भी बेहद तेज थी और इतनी ऊंचाई पर काम करना बेहद कठिन था। आगरा मंडल के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के कर्मचारियों ने धैर्य के साथ ताजमहल के गुंबद पर चटके हुए इनले पीस को बदलने और प्वाइटिंग का काम किया। 
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Taj Mahal Main Dome And Kabra Mud Pack After Monsoon
मानसून की बारिश के बीच ताहमहल पर आए सैलानी - फोटो : अमर उजाला
संरक्षण कार्य होने से ताज के गुंबद के दरकते पत्थरों की उम्र और बढ़ गई। इसके अलावा एएसआई ने दक्षिण पश्चिमी मीनार के अंदर लगी लाल पत्थर की सीढ़ियों को भी बदला गया। नीचे से ही ढालकर पत्थरों को ऊपर ले जाया गया।
ताजमहल: 77 साल बाद सहेजा गया गुंबद, 230 फीट ऊंचाई पर हवा में लटक कर किया संरक्षण कार्य
 
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