ताजमहल सिर्फ एक इमारत ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए मोहब्बत की जिंदा अलामत है। कवि रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे 'अनंत काल के गाल पर आंसू' कहा था। बात करें फिल्मी दुनिया की तो ताजमहल का जादू हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक चल रहा है।
आजादी से पहले 1942 में शाहजहां और मुमताज की मुहब्बत को फिल्मी पर्दे पर 'ताजमहल' के नाम से दिखाया गया, जिसमें अभिनेत्री सुरैया महज 12 साल की उम्र में पर्दे पर आईं। इसमें अभिनेता मुहम्मद नसीम ने शाहजहां का किरदार निभाया था। इसके बाद से अब तक 300 से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग ताज पर हो चुकी है।
1963 में ‘ताजमहल’ फिल्म में अभिनेता प्रदीप और बीना रॉय ने शाहजहां-मुमताज की यादगार भूमिकाएं निभाईं। रोशन के संगीत ने बेजुबान पत्थरों को नई आवाज दी। इसके बाद ताज का जादू ऐसा चला कि रोमांटिक सीन के लिए ताज ही मुफीद रहा। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने बंटी और बबली के साथ स्ट्रेंजर में भी ताज के साए तले अदाकारी की।
हॉलीवुड फिल्म विक्टोरिया एंड अब्दुल, स्लमडॉग मिलेनियर, बॉलीवुड फिल्म यंगिस्तान, एक दीवाना था, मेरे ब्रदर की दुल्हन, भूमि, तेवर, वाह ताज, जां निसार, दिल्ली-6, तेरा जादू चल गया, बिच्छू, ढाई आखर प्रेम का, बंटी और बबली, तेरे नाम, भगत सिंह, जींस, ताजमहल, बेवफा, ताजमहल-ए मान्यूमेंट आफ लव, चल चला चल, प्यार दीवाना होता है, ताजमहल, स्ट्रेंजर, यमला-पगला-दिवाना, गर्म हवा के साथ दक्षिण भारतीय फिल्म निर्देशक भरथ राजा की तमिल फिल्म ‘ताजमहल’ अभिनेता विक्रम की फिल्म सामी स्क्वायर की शूटिंग ताजमहल में की गई।
केवल फिल्म ही नहीं, बल्कि कई गीतों में ताजमहल को खास तौर पर मोहब्बत की निशानी के तौर पर दिखाया गया है। 'यंगिस्तान' फिल्म का गीत 'सुनो न संगमरमर..' छाया हुआ है। अरिजीत सिंह का यह गाना युवाओं को बेहद पसंद आया था। 'मेरे ब्रदर की दुल्हन' में इश्क रिश्क, फिल्म 'तेवर' में अभिनेता अर्जुन कपूर की मस्ती के पलों को ताजमहल के साए में संजोया गया। 1998 में रिलीज फिल्म 'जींस' के गीत अजूबा में अभिनेत्री ऐश्वर्या राय के शॉट हैं। झूम बराबर झूम, बेवफा, यमला पगला दीवाना और बिच्छू के गीतों में ताजमहल को फिल्माया गया।