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ताजनगरी के 'दिल' को लगा यह 'रोग', कहते हैं लोग- इलाज जरूरी है, कहीं नासूर न बन जाए
Tue, 28 Jan 2020 03:41 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 28 Jan 2020 03:41 PM IST
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संजय प्लेस आगरा
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में महात्मा गांधी मार्ग (एमजी रोड) शहर की धड़कन है तो संजय प्लेस दिल, लेकिन दिल पर काफी समय से बहुत बोझ है। यह है अतिक्रमण और अवैध पार्किंग का। इनमें पार्किंग विवाद इन दिनों बीमारी बना हुआ है। शहर के दिल का इस बीमारी से इलाज जरूरी है। इसी पार्किंग के विवाद पर इन दिनों व्यापारी आग बबूला हैं। धरना-प्रदर्शन चल रहा है और हल निकलने की कोई सूरत बन नहीं रही। हैरानी की बात यह है कि इस विवाद पर प्रशासन उदासीन बना है, बावजूद इसके किसंजय प्लेस में हलचल का असर पूरे शहर पर पड़ता है।
संजय गांधी के साथ संजय प्लेस का मॉडल देखते तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
1978 में अस्तित्व में आए इस व्यावसायिक केंद्र में 41 ब्लॉक हैं, लगभग 3000 दुकानें और शोरूम हैं। 30 से ज्यादा बैंकों के जोनल ऑफिस हैं। कंप्यूटर, जूते और कपड़े का यह खास बाजार है। शहर का ऑडिटोरियम सूर सदन भी यहीं है। मॉल, मल्टीप्लेक्स, बार, होटल, सिनेमा हॉल इसकी रौनक को चार चांद लगाते हैं। केंद्र सरकार के आयकर, पेट्रोलियम सेफ्टी, पुरातत्व, लघु उद्योग, हथकरघा विभाग के दफ्तर भी यहां पर हैं। एलआईसी, इंडियन ऑयल, एफसीआई के ऑफिस भी हैं।
धरने पर बैठे व्यापारी
- फोटो : अमर उजाला
संजय प्लेस में पखवाड़े भर से पार्किंग वसूली को लेकर विवाद चल रहा है। संजय प्लेस वेलफेयर एसोसिएशन पार्किंग के ही खिलाफ है, जबकि नगर निगम पार्किंग व्यवस्था लागू करने पर अड़ा हुआ है। इधर, पार्किंग के स्थान पर अतिक्रमण की भी समस्या है। अधिकांश ब्लॉक की इमारतों की पार्किंग में गोदाम और दुकानें बनाकर कब्जा कर लिया गया है। हालांकि संजय प्लेस के कपड़ा व्यापारियों ने इस मामले में नजीर पेश की है। कपड़ा मार्केट की भूमिगत पार्किंग में व्यापारियों के वाहन रखे जा रहे हैं।
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संजय प्लेस का दृश्य
- फोटो : अमर उजाला
संजय प्लेस में कंप्यूटर, कपड़ा, जूता, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंट्र्रल गवर्नमेंट ऑफिस, बैंक और रेजीडेंशियल कांप्लेक्स हैं। 41 ब्लॉक यहां पर हैं, जिनमें आगरा विकास प्राधिकरण ने पार्किंग की जगह तय की थी। संजय प्लेस हैंडओवर होने के बाद नगर निगम ने अब जाकर 38 ब्लॉक में पार्किंग का ठेका उठाया। इनमें आयकर विभाग का कार्यालय, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय और एलआईसी बिल्डिंग कार्यालय को निगम की पार्किंग से मुक्त किया गया है। अन्य सभी खुली पार्किंग का ठेका उठाया गया, लेकिन इसका लगातार विरोध हो रहा है।
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आगरा नगर निगम
विरोध के बीच ही नगर निगम ने जांच की तो पता चला कि संजय प्लेस कंप्यूटर मार्केट समेत ज्यादातर ब्लॉक में बेसमेंट में पार्किंग की जगह पर गोदाम बना लिए गए हैं। वाहनों की पार्किंग अपने ब्लॉक में करने की जगह खुली पार्किंग में वाहन खड़े हो रहे हैं और पार्किंग शुल्क का विरोध किया जा रहा है।