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'रोटी वाली अम्मा' को मिला पीएम स्वनिधि योजना से लोन, बोलीं- जब तक हाथ-पैर चलेंगे करूंगी सेवा
Thu, 22 Oct 2020 09:53 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 22 Oct 2020 09:53 AM IST
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रोटी वाली अम्मा: लोन की प्रक्रिया पूरी करती नगर निगम की टीम
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में सेंट-जोंस कॉलेज के पास एमजी रोड के फुटपाथ पर रोटी वाली अम्मा का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 10 हजार रुपये दिए गए। डूडा के कर्मचारी रोटी वाली अम्मा के पास लैपटॉप और अन्य कागजात लेकर पहुंचे। हाथों-हाथ रजिस्ट्रेशन कराने के बाद रोटी वाली अम्मा के बैंक खाते में महज 6 घंटे के अंदर 10 हजार रुपये भेज दिए गए। सरकारी सहायता मिलने के बाद रोटी वाली अम्मा गदगद है। उन्होंने फुटपाथ पर ही रजिस्ट्रेशन और पैसे देने वाले कर्मचारियों को दुआ दी, भगवान तुम्हें हमेशा खुश रखे। कहा कि जब तक हाथ पैर चलेंगे वे काम करती रहेंगीं।
रोटी बनाती भगवान देवी
- फोटो : ANI
बता दें कि 80 साल की अम्मा भगवान देवी सेंट जोंस के पास सड़क किनारे रोटी बनाती हैं। 20 रुपये में लोगों को भरपेट भोजन कराती हैं लेकिन कोरोना काल में आमदनी बहुत कम रह गई है। भगवान देवी के पति की मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद बेटों ने उन्हें घर से निकाल दिया, लेकिन भगवान देवी ने हार नहीं मानी। 80 साल की उम्र में भी वह आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को 26 तारीख को लॉन्च करेंगे। तब वह आगरा, लखनऊ और वाराणसी के लाभार्थियों से बात करेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसमें आगरा, लखनऊ और वाराणसी की दो- दो महिलाएं शामिल होंगी जो स्वनिधि योजना की लाभार्थी हैं।
रोटी वाली अम्मा भगवान देवी
- फोटो : अमर उजाला
सेंट जोंस के पास भगवान देवी पेड़ के नीचे रोटी और सब्जी बनाकर बेचती हैं। वह मोहन मंदिर गली, बाग मुजफ्फर खां की निवासी हैं। उनके पास ठेले वाले, रिक्शा वाले और मजदूर पेट भरने के लिए आते हैं। वह 20 रुपये में भरपेट भोजन कराती हैं। उनकी थाली में रोटी और सब्जी होती है। आसपास के लोग उन्हें रोटी वाली अम्मा कहते हैं।
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रोटी वाली अम्मा भगवान देवी
- फोटो : अमर उजाला
15 साल से भर रहीं लोगों का पेट
रोटी वाली अम्मा 15 साल से लोगों का पेट भर रही हैं। अगर उनके पास कोई गरीब इंसान आता है तो वह उसे बगैर पैसे लिए भी रोटी खिला देती हैं। मजदूर सेंट जोंस पर आकर पूछते हैं कि रोटी वाली अम्मा कहां मिलेंगी, नाम सुनते ही लोग उनका पता बता देते हैं।
रोटी वाली अम्मा 15 साल से लोगों का पेट भर रही हैं। अगर उनके पास कोई गरीब इंसान आता है तो वह उसे बगैर पैसे लिए भी रोटी खिला देती हैं। मजदूर सेंट जोंस पर आकर पूछते हैं कि रोटी वाली अम्मा कहां मिलेंगी, नाम सुनते ही लोग उनका पता बता देते हैं।
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रोटी वाली अम्मा के यहां खाना खाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
भगवान मुझे कभी भूखा नहीं रखेगा
भगवान देवी कहती हैं कि लॉकडाउन के दौरान बहुत परेशानी हुई। अब धीरे-धीरे लोगों का आना शुरू हुआ है लेकिन संख्या बहुत कम है। पहले रोज 200 से 400 रुपये तक कमा लेती थीं अब 100 भी मुश्किल से बचते हैं। लेकिन उम्मीद है कि भगवान उन्हें भूखा नहीं रखेगा।
रोटी वाली अम्मा का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें मौके पर जाकर स्वनिधि योजना में पंजीकृत किया और उनके खाते में पैसा भी पहुंचा दिया है। डूडा के कर्मचारियों ने सराहनीय काम किया है। - निखिल टीकाराम फुंडे, नगर आयुक्त
भगवान देवी कहती हैं कि लॉकडाउन के दौरान बहुत परेशानी हुई। अब धीरे-धीरे लोगों का आना शुरू हुआ है लेकिन संख्या बहुत कम है। पहले रोज 200 से 400 रुपये तक कमा लेती थीं अब 100 भी मुश्किल से बचते हैं। लेकिन उम्मीद है कि भगवान उन्हें भूखा नहीं रखेगा।
रोटी वाली अम्मा का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें मौके पर जाकर स्वनिधि योजना में पंजीकृत किया और उनके खाते में पैसा भी पहुंचा दिया है। डूडा के कर्मचारियों ने सराहनीय काम किया है। - निखिल टीकाराम फुंडे, नगर आयुक्त