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पुलवामा शहीद के स्मारक को नहीं मिल रहा रास्ता, हिरासत में लिए अनशन कर रहे युवा
Tue, 27 Aug 2019 12:15 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 27 Aug 2019 12:15 AM IST
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शहीद रामवकील का फाइल फोटो
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पुलवामा में शहीद हुए रामवकील के शहीद स्मारक के लिए गांव में रास्ता न मिलने से नाराज परिजनों ने सोमवार को विकास खंड कार्यालय में अनशन कर एलान किया था। अनशन तो नहीं किया गया, लेकिन स्मारक के रास्ते के लिए एसडीएम की मौजूदगी में चार घंटे तक पंचायत हुई। हालांकि रास्ते का विवाद खत्म नहीं हुआ। वहीं, अनशन करने पहुंचे जागृति समाज सेवा समिति के दो पदाधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
ब्लाक पर धरना देते युवा जागृति समाज सेवा समिति के कार्यकताओं को समझाते एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला
विनायकपुर गांव में पुलवामा शहीद रामवकील का शहीद स्मारक बन रहा है, लेकिन इसके लिए रास्ता नहीं है। खेत मालिक रास्ता देने को तैयार नहीं है। परिजन स्थानीय प्रशासन के साथ ही लखनऊ में शासन स्तर पर इसके लिए गुहार लगा चुके हैं। सोमवार को शहीद की पत्नी गीता देवी ने ब्लॉक कार्यालय में परिजनों के साथ अनशन पर बैठने का एलान किया था। सोमवार सुबह होते ही एसडीएम करहल रतन वर्मा ब्लॉक पहुंच गए। अनशन पर बैठने की तैयारी कर रहे जागृति समाज सेवा समिति के दो पदाधिकारी विक्रम सिंह, मनोज कुमार एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
ब्लाक पर धरना दे रहे युवा जागृति समाज सेवा समिति के कार्यकर्ता को ले जाता पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
उपजिलाधिकारी यहां से सीधे विनायकपुर पहुंच गए। यहां शहीद की पत्नी गीता देवी को प्रधान दीपिका यादव के आवास पर बुला लिया गया। खेत मालिक विजयपाल सिंह के साथ चार घंटे तक बातचीत चली, लेकिन अंतिम फैसला नहीं हो सका। विजयपाल सिंह ने कहा कि उनकी पत्नी बाहर गई हुई हैं । वे जब घर लौट आएंगी तभी वो कुछ कह सकते हैं। एसडीएम ने शहीद के परिजनों से दो दिन का समय मांगा है।
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शहीद की पत्नी गीता देवी
- फोटो : अमर उजाला
शहीद की पत्नी गीता देवी को जब जानकारी हुई कि ब्लॉक में अनशन के लिए पहुंचे युवा जागृति समाज सेवा समिति के दो युवाओं को हिरासत में ले लिया गया है तो वे थाने पहुंच गईं। एसडीएम से बात की गई। एसडीएम ने बाद में दोनों युवाओं को रिहा करा दिया।
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शहीद रामवकील की पत्नी गीता देवी
विनायकपुर निवासी शहीद रामवकील पुलवामा में आतंकी हमले शहीद हो गए थे। भाजपा सरकार के मंत्री सत्यदेव पचौरी ने शहीद की पत्नी को पांच बीघा का पट्टा आवंटन किया था। इसी भूमि पर शहीद की अंत्येष्टि की गई थी। शहीद स्मारक के आगे गांव के ही विजयपाल सिंह का खेत है। स्मारक तक जाने के लिए रास्ता नहीं है। रास्ता न होने से अब तक स्मारक अधूरा पड़ा हुआ है। शहीद के परिजन कई बार रास्ता के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन रास्ता नहीं मिल रहा है।