प्रयागराज में साधु संतों के कुंभ से पहले भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की भूमि पर आयोजित नारी शक्ति कुंभ में देश भर की महिलाओं ने नारी सशक्तिकरण का अहसास कराया। वैदिक काल से अब तक समाज में महिलाओं की सशक्त भूमिका का उल्लेख करते हुए पिछले कुछ दशकों से नारी शक्ति को अबला बनाने की प्रवृति पर तगड़ा प्रहार किया।
अबला मत कहिए, देश को चला रहीं ताकतवर महिलाएं, देखें 'नारी शक्ति' की अद्भुत तस्वीरें
2 of 13
Nari shakti Kumbh in vrindavan
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को अश्रयपात्र में आयोजित नारी शक्ति कुंभ में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि भारतीय समाज में वर्षों से महिलाओं को अबला असहाय जैसे शब्दों से संबोधित किया जाता रहा है। हमें इस मानसिकता में बदलाव लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिस देश में रानी लक्ष्मीबाई जैसी योद्धा और शिवा को शिवाजी बनाने वाली जीजाबाई हो ऐसे देश में महिलाओं को असहाय कहना उनके साथ अन्याय है।
अबला मत कहिए, देश को चला रहीं ताकतवर महिलाएं, देखें 'नारी शक्ति' की अद्भुत तस्वीरें
3 of 13
Nari shakti Kumbh in vrindavan
- फोटो : अमर उजाला
महिलाओं को कमजोर कहने वाले समाज पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि मां की गोदी में आते ही बेटी को शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक कमजोरी का अहसास कराया जाता है। पहले तो उसे जन्म ही नहीं लेने दिया जाता है। यह स्थिति ऐसे वक्त में है जब महिलाओं ने पुरुषों के एकाधिकार वाले क्षेत्रों में भी अब शिखर को छू लिया है। फिर महिला कमजोर कैसे हो सकती है।
अबला मत कहिए, देश को चला रहीं ताकतवर महिलाएं, देखें 'नारी शक्ति' की अद्भुत तस्वीरें
4 of 13
Nari shakti Kumbh in vrindavan
- फोटो : अमर उजाला
नवरात्र पूजन का उल्लेख करते हुए सुषमा ने कहा कि यह विडंबना है कि दूसरे घर की बेटी को कन्या के रूप में पूजा जाता है और अपनी बेटी अवांछनीय लगती है। उन्होंने हैरानी जताई कि जिस देश में महिला राष्ट्रपति हैं तो उसी देश में महिला दहेज की वेदी पर चढ़ रही हैं। समाज की इन विसंगतियों को दूर करने का प्रण महिलाओं को ही लेना होगा। इसके लिए महिलाओं को ही आगे आना होगा।
अबला मत कहिए, देश को चला रहीं ताकतवर महिलाएं, देखें 'नारी शक्ति' की अद्भुत तस्वीरें
5 of 13
Nari shakti Kumbh in vrindavan
- फोटो : अमर उजाला
नारी शक्ति कुंभ में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं को कमजोर बताने वाली अतीत की बातों को भुलाते हुए भविष्य की सुनहरी उड़ान को पंख लगाए। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, महिलाओं ने आसमान को छू लिया है। कल्पना चावला का उल्लेख करते हुए भविष्य में लड़ाकू विमान के संचालन का भी संदेश दिया।