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114 साल में तैयार समाध का छोटी दिवाली से करेंगे दीदार, ताजमहल से ऊंचा है इसका कलश

Mon, 05 Nov 2018 11:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Mon, 05 Nov 2018 11:42 AM IST
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People will be able to see the Swami Bagh Samadh
स्वामीबाग समाध - फोटो : अमर उजाला
आगरा के स्वामीबाग समाध का दीदार का 114 सालों का इंतजार छह नवंबर को खत्म हो रहा है। आमजन के लिए इसके द्वार छोटी दिवाली के दिन से खोले जा रहे हैं। सुबह दस से शाम चार बजे तक इसका दीदार कर सकेंगे। प्रवेश निशुल्क होगा, लेकिन पहचान पत्र साथ लाना होगा। समाध का निर्माण 1904 से शुरू हुआ, जो 2018 में पूरा हुआ है।

 
चार बजे गेट बंद कर दिया जाएगा। मोबाइल, पान-तंबाकू, सिगरेट पूरी तरह से प्रतिबंधित है। आमजन को आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, अपनी संस्थान
का परिचय पत्र साथ जरूर लाना होगा। बिना पहचान पत्र के समाध में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभी समाध की पहली मंजिल तक ही आमजन पहुंच सकेंगे।
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स्वामीबाग समाध

मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य चल रहा है, ऐसे में गेट नंबर पांच से प्रवेश दिया जाएगा। मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य पूरा होने में लगभग दो महीने का समय और लगेगा। इस पर भारी-भरकम स्टील के दरवाजे चढ़ाए जा रहे हैं। पांच गेटों में से तीन के दरवाजे चढ़ गए हैं। आठ नवंबर को भंडारा है, इस दिन समाध बंद रहेगा। स्वामीबाग सत्संग से जुड़े सदस्य बताते हैं कि पूर्ण निर्माण कार्य होने के बाद गर्मी-सर्दी के प्रवेश का समय तय किया जाएगा।

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स्वामीबाग समाध

तामजमहल और स्वामीबाग के समाध दोनों में किसी तरह की कोई तुलना नहीं, लेकिन ऊंचाई के मामले में दोनों में एक समानता है, वह है इसके कलश की ऊंचाई। राधास्वामी मत के संस्थापक परम पुरुष पूरनधनी स्वामीजी महाराज की पवित्र समाध का कलश ताजमहल से ऊंचा है। ताजमहल में गुंबद के ऊपर लगे कलश की ऊंचाई 30.6 फुट है तो स्वामीबाग समाध में कलश की ऊंचाई 31.4 फुट। शाहजहां द्वारा बनवाए गए ताजमहल में कलश को पूरी तरह से सोने का बनाया गया था।

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स्वामीबाग समाध

कई पुस्तकों में उल्लेख है कि उस समय कलश में 466 किग्रा सोना लगाया गया था, जिसे साल 1800 में ब्रिटिश अफसरों ने बदलवा कर कांसे का लगवा दिया। इसके बीच में लोहे की छड़ है। ताजमहल के मेहमानखाने की ओर ब्रिटिश राज के दौरान जब कलश को बदलवाया गया तो उसे नीचे फर्श पर डिजाइन कर लगाया गया था। उसकी प्रतिकृति काले ग्रेनाइट से बनी हुई है।

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स्वामीबाग समाध - फोटो : अमर उजाला

पवित्र स्वामीबाग समाध के गुंबद पर 31.4 फुट ऊंचा कलश लगाया गया है, जो दुनिया के सबसे ऊंचे धार्मिक स्थलों में लगे स्वर्ण कलशों में से एक है। 1928 में इस कलश का डिजाइन बनाया गया, जिसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया। सात हिस्सों में बनाए गए कलश का वजन करीब पांच टन है। इसमें तांबे का इस्तेमाल किया गया है। तांबे के कलश के बीचोबीच स्टेनलेस स्टील की मोटी छड़ गुंबद के ऊपर लगाई गई है, जिसमें यह कलश पिरोया गया है। 

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