आगरा के थाना खेड़ा राठौर (बाह सर्किल) के चित्तरपुरा गांव में बृहस्पतिवार को दोहरे हत्याकांड के बाद खौफ का सन्नाटा पसरा रहा। मृतक चचेरे भाइयों के परिजनों की चीखें सन्नाटे को चीर रही थीं। उनका रो-रोकर बुरा हाल था। हत्या के बाद मृतक दिनेश सिंह की पत्नी ममता और महेश सिंह पत्नी कलावती तो बेसुध हो गई थीं। होश में आने पर ममता यही कहकर बिलखने लगी कि बेटे राहुल और बेटी आरती की देखभाल कौन करेगा। कलावती भी अपने बच्चों गोविंद, कामिनी, प्रियंका, संदीप की परवरिश की बातें कहकर बिलखने लगती थी।
आगरा दोहरा हत्याकांड: जमीन की रंजिश में उजड़ गईं दो परिवारों की दुनिया, परिजनों के नहीं थम रहे आंसू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोलियां लगने से खून से लथपथ हुए दिनेश सिंह और महेश सिंह गिरकर गए। इसके बाद हमलावर भाग गए। दिनेश सिंह के भाई रामू और बेटे रिंकू ने छिपकर जान बचाई। एक के बाद एक दागी गई नौ राउंड गोलियों में से पांच गोलियां महेश सिंह को और एक गोली दिनेश सिंह को लगी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि एक साल पुराने जमीन के विवाद में छह महीने पहले पंचायत के बाद सुलह हो गई थी। बृहस्पतिवार को खेत में लेजम (पाइप) बिछाने के दौरान मेड़ कटने पर दोनों पक्ष में विवाद हो गया था। इसी दौरान कल्लू सिंह पक्ष ने हमला बोल दिया।
समय पर मिल जाता इलाज तो बच सकती थी जान
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गोली लगने से जमीन पर गिरे खून से लथपथ महेश और दिनेश छटपटा रहे थे। मौके पर मौजूद रामू और रिंकू असहाय थे। उन्होंने बताया कि फोन कॉल कर एंबुलेंस को बुलाया। इसके बाद ही परिजन दोनों को अस्पताल ले जा सके, इसमें करीब एक घंटा लग गया था। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। लोगों का कहना है कि दोनों को समय पर इलाज मिल जाता तो शायद जान बच सकती थी।
दिनेश घर में अकेला कमाने वाला था
दिनेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके दो अन्य भाई बेंचे लाल और रामू हैं। इसमें दिनेश अकेला कमाने वाला था। परिजनों ने बताया कि उन्होंने अपने बड़े भाई की बेटी रूबी का रिश्ता चांगौली गांव में तय कर दिया था। कुछ दिन पहले ही गोद भराई की रस्म की गई थी। अपनी बेटी आरती के लिए रिश्ते की तलाश कर रहे थे। अब हत्या के बाद परिजनों को सूझ नहीं रहा कि रूबी और आरती की शादी कैसे करेंगे। वहीं महेश सिंह भी तीन भाई थे। महेश पर ही परिवार आश्रित था। उनके दो बेटा और दो बेटियां हैं।
आरोपियों के ट्रैक्टर को कब्जे में लिया
दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश में उनके घर को खंगाला। दरवाजे पर खडे़ ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया। घर पर मिली बुजुर्ग महिला को भी हिरासत में ले लिया। हमलावर और उनके परिवार की महिलाएं भी भाग निकलीं। दरवाजे पर पशु बंधे रह गए। महिलाओं समेत परिजनों के भागने से भी पीड़ित परिवार को अंदेशा है कि पूरी तैयारी के साथ हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया है। चित्तरपुरा गांव में दोहरी हत्या की वारदात से दहशत का माहौल है। लोग कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।