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तीर्थनगरी वृंदावन में आकर्षण का केंद्र है पागल बाबा का मंदिर, आठ महीने बाद खुलेंगे पट
Tue, 01 Dec 2020 12:14 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 01 Dec 2020 12:14 AM IST
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पागल बाबा का मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन के प्रमुख मंदिर पागल बाबा के दर्शन एक दिसंबर से होंगे। पिछले आठ माह से मंदिर के पट बंद थे। मंदिर के प्रबंधक बलदेव चतुर्वेदी ने बताया कि मार्च माह में मंदिर के पट बंद किए गए थे। इस दौरान मंदिर का एक छज्जा गिरने से पिछले आठ माह से मरम्मत कार्य चल रहा था। अब यह काम पूरा हो गया है। इसके बाद मंदिर के पट आम भक्तों के लिए खोलने का फैसला किया गया। भक्त सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक तथा शाम चार बजे से सात बजे तक दर्शन करेंगे। इस दौरान सभी को कोविड-19 के नियमों का पालन करना होगा।
पागल बाबा का मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
राधाकृष्ण की लीला स्थली वृंदावन में लीलाधाम मंदिर (पागल बाबा का मंदिर) की स्थापना 1969 में हुई थी। वर्तमान में इस मंदिर के मुख्य ट्रस्टी जिला न्यायाधीश और जिलाधिकारी हैं।
पागल बाबा का मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा-वृंदावन मार्ग किनारे स्थित यह मंदिर अपनी सुंदरता के लिए प्रख्यात है। सफेद पत्थरों से बने इस नौ मंजिल के मंदिर की सुंदरता देखते ही बनती है। यह मंदिर करीब 150 फीट चौड़ाई में बना है।
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पागल बाबा मंदिर वृंदावन
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन के दौरान मंदिर के पट बंद होने के दौरान पागल बाबा मंदिर प्रबंधन ने इलेक्ट्रॉनिक श्रीकृष्ण और श्रीराम लीला गैलरी को खूबसूरत बना दिया है। नवनिर्माण के बाद इस गैलरी का शुभारंभ भी जल्द होने जा रहा है।
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पागल बाबा मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
पागल बाबा मंदिर के प्रबंधक बलदेव चतुर्वेदी ने कहा कि मंदिर को और आकर्षित बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। बाहरी गेट में बदलाव किया जा रहा है। जल्द ही मुख्य बाहरी दीवार पारदर्शी नजर आएगी। फुव्वारे भी श्रद्धालुओं को यहां लुभाएंगे। भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम की स्वचलित गैलरी नए स्वरूप में बनकर तैयार हो चुकी है।