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लॉकडाउन का एक साल: कितना बदला ताजमहल का शहर और क्या हुआ असर, तस्वीरों में देखें

Mon, 22 Mar 2021 12:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 22 Mar 2021 12:02 AM IST
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one year of lockdown: how the tourism industry survived a year of pandemic in agra
लॉकडाउन का एक साल: तब और अब - फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन को करीब एक साल हो गया है। 22 मार्च 2020 में जनता कर्फ्यू लगाया गया था। इसके बाद लॉकडाउन...। लेकिन आगरा में कोरोना संक्रमण के कारण मोहब्बत की मिसाल ताजमहल समेत स्मारकों पर 17 मार्च, 2020 की सुबह से ही ताला लगा दिया गया था। 188 दिनों के बाद ताजमहल खुला। सैलानियों की संख्या सीमित करने और बंदिशों के बीच दिसंबर में ही रौनक लौट पाई। एक साल बाद फिर से ताजमहल पर्यटकों से गुलजार होने लगा है। 
one year of lockdown: how the tourism industry survived a year of pandemic in agra
लॉकडाउन का एक साल: रविवार को ताजमहल में उमड़ी पर्यटकों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

सितंबर में ताजमहल तो खोल दिया गया था, लेकिन फ्लाइट बंद होने से विदेशी पर्यटक तो इक्का-दुक्का ही नजर आए। 2021 में भारतीय पर्यटकों में ताजमहल का क्रेज ऐसा ही रहा कि जनवरी-फरवरी में वीक एंड पर फिर से 25 हजार सैलानियों का ग्राफ छू लिया। आगरा के पांच लाख लोगों की रोजीरोटी चलाने वाले ताजमहल पर सैलानियों की संख्या बढ़ी तो पर्यटन उद्योग ने भी राहत की सांस ली, हालांकि विदेशी सैलानियों की शुरुआत पर ही पर्यटन पटरी पर लौट सकेगा।

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आगरा लॉकडाउन (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
ताजमहल बंद तो रोजीरोटी को तरसे
अनलॉक-1 में आठ जून से संस्कृति मंत्रालय ने देशभर के 820 स्मारकों को पूजा या प्रार्थना के लिए खोलने की अनुमति भी दी, लेकिन आगरा के कंटेनमेंट जोन होने के चलते यहां 14 स्मारक नहीं खोले जा सके। ताजमहल को 21 सितंबर को खोला गया। इस तरह 188 दिनों तक ताजमहल सैलानियों के लिए बंद रहा। इतने दिनों तक ताज की बंदी से पर्यटन से जुड़े लोग रोजीरोटी को तरस गए। 21 सितंबर को ताज खुला तो महज 2300 सैलानी ही आए, हालांकि जनवरी,2021 तक 25 हजार सैलानियों ने आगरा का रुख करना शुरू कर दिया। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से ताज के आसपास भी रौनक दिखने लगी है।
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मार्बल के बने ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
एंपोरियम पर अभी भी असर
मार्बल और स्टोन हैंडीक्राफ्ट के शोरूम, एंपोरियमों के बंद होने से शहर के 35 हजार से ज्यादा कारीगरों के सामने मुश्किलें आईं। ज्यादातर हैंडीक्राफ्ट का सामान अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोपीय देशों के पर्यटक ताजमहल के दीदार के बाद खरीदकर ले जाते थे। एक साल पहले जब ताज बंद हुआ तो फ्लाइट बंद होने से विदेशी पर्यटक आए नहीं। विदेशी पर्यटकों के न आने के कारण एंपोरियम बंद हैं, जिसका सीधा असर 35 हजार कारीगरों पर पड़ रहा है। गोकुलपुरा का हैंडीक्राफ्ट बाजार तो घरेलू खरीदारों से उठने लगा है पर फतेहाबाद रोड के एंपोरियम विदेशी पर्यटकों पर निर्भर होने से नहीं उठ पाए।
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लॉकडाउन का एक साल: ताजनगरी में विदेशी पर्यटक - फोटो : अमर उजाला
होटलों में जनवरी में हालात सुधरे
शहर में 650 से ज्यादा होटल हैं, जो ताजमहल के बंद रहने से बिजली का बिल तक देने की स्थिति में नहीं रहे। इनमें 15 पंचसितारा जबकि 80 सितारा होटल हैं। बाकी सभी बजट क्लास होटल हैं। चेन ग्रुप के होटल तो पर्यटकों को आफर देकर अक्तूबर से चलने लगे, लेकिन बजट क्लास होटल दिसंबर और जनवरी, 2021 में ही चल पाए। यही हाल रेस्टोरेंट का भी रहा, जो विदेशी पर्यटकों पर ही निर्भर थे, लेकिन विदेशी सैलानियों के नहीं आने के कारण चालू नहीं हो पाए। जनवरी, 2021 में सैलानियों की संख्या बढ़ने पर रेस्टोरेंट शुरू हो सके।
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