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Krishna Janmashtami: भगवान की मूर्तियां बनाने में जुटे आरिफ और सद्दाम, दे रहे भाईचारे का पैगाम
Mon, 10 Aug 2020 12:32 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 10 Aug 2020 12:32 AM IST
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ठाकुरजी की मूर्तियां बनाता सद्दाम
- फोटो : अमर उजाला
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ब्रज में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उल्लास शुरू हो गया है। मंदिरों को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। लड्डू गोपाल की मूर्तियों और पोशाकों से बाजार सज गए हैं। इन सबके बीच कान्हा की नगरी मथुरा से दिल छूने वाली तस्वीरें भी सामने आईं हैं। यहां मुस्लिम कारीगर भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियां और पोशाक तैयार करने में जुटे हैं। ये मुस्लिम कारीगर न सिर्फ भगवान की मूर्तियों को आकर्षक रूप दे रहे हैं बल्कि भाईचारे का पैगाम भी दे रहे हैं।
लड्डू गोपाल
- फोटो : अमर उजाला
मूर्ति कारीगर सुफियान ने बताया कि होश संभालने के बाद से ही वो इस काम को कर रहे हैं। ब्रज क्षेत्र में अलीगढ़, हाथरस, इगलास और आसपास के इलाकों में लड्डू गोपाल और राधा-कृष्ण की मूर्तियों की ढलाई होती है। पीतल, जस्ता और एल्युमिनियम से बनी गोपालजी की मूर्ति ढलाई होने के बाद यहां आती हैं, जिसे कारीगर पॉलिश कर चमकाने के साथ ही उन्हें फाइनल टच देते हैं। सफाई और पॉलिश के बाद मूर्तियों पर पेंटिंग की जाती है। जिसके बाद मूर्तियां बाजार में दुकानों पर श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।
लड्डू गोपाल की मूर्तियां
- फोटो : अमर उजाला
मूर्ति कारीगर सद्दाम ने बताया कि ढलाई के बाद यहां आने वाली मूर्तियों की सफाई करने के बाद उन पर दो बार पॉलिश की जाती है जिससे मूर्तियों की सुंदरता और निखरती है। मथुरा और वृंदावन में सैकड़ों कारखाने हैं जहां इन मूर्तियों को फाइनल टच दिया जाता है। लेकिन पिछले पांच माह से कारोबार पर कोरोना बीमारी का असर पड़ा है। श्रद्धालुओं के ना आने से मूर्ति कारोबार बंद था, लेकिन अब एक साथ काम बढ़ा है।
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मूर्तियां बना रहे कारीगर आरिफ और सुफियान
- फोटो : अमर उजाला
कारीगर आरिफ ने बताया कि पिछले पांच माह से घर पर बैठे थे, काम बिल्कुल नहीं था। पिछले साल छह माह पूर्व ही हमने मूर्ति बनाने का काम शुरू कर दिया था। हम लोग लड्डू गोपाल, भगवान कृष्ण की छह इंच से लेकर एक फुट की मूर्ति, राधाकृष्ण की मूर्ति भी बनाते हैं। इस बार कोरोना महामारी के कारण काम देर से शुरू हुआ है। उम्मीद है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से मूर्ति कारोबार पटरी पर लौटेगा।
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लड्डू गोपाल की मूर्तियां
- फोटो : अमर उजाला
बाल गोपाल की मूर्तियों और उनके शृंगार की खरीदारी के लिए बाजारों में अभी से उमंग दिखाई दे रही है। दुकानदार दीपक ने बताया कि फाइनल टच के बाद दुकानों पर पहुंची इन मूर्तियों को पोशाक पहनाकर व शृंगार करके रखा जाता है। मंदिरों के बाहर स्थित दुकानों पर सजे-धजे ठाकुरजी की ये मूर्तियां बरबस ही यहां से गुजरने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। श्रद्धालु अपने आराध्य को बड़ी श्रद्धाभाव से अपने साथ ले जाते हैं।