आगरा के जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के गढ़ी भदौरिया स्थित कृष्णापुरी कॉलोनी में बृहस्पतिवार दोपहर तीन मंजिला कोठी में संचालित जूता फैक्टरी में भीषण आग लग गई। आग पहली मंजिल पर लगी। लपटों और धुएं के बीच दो कर्मचारी फंस गए थे, जिन्हें आग विकराल होने से पहले सीढ़ियां लगाकर बचा लिया गया। हालांकि तबीयत खराब होने की वजह से उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजना पड़ा।
भीषण आग और धुआं देखकर आसपास के लोग दहशत में आ गए। करीब रहने वाले अधिकतर लोग गैस सिलिंडर लेकर घरों से बाहर निकल आए। सूचना पर पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मियों ने आधा दर्जन दमकलों की मदद से 2 घंटे में आग पर काबू पा लिया। घटना दोपहर 12 बजे की है। कृष्णापुरी कॉलोनी में योगेश राठौर पत्नी मीना, बेटे काव्य और तन्मय के साथ रहते हैं। उनकी तीन मंजिला कोठी है। इसमें ही वो एच एंड एच इंटरप्राइजेज के नाम से जूता फैक्टरी संचालित करते हैं।
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दीवार तोड़ता दमकल कर्मी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शिव बाबा के नाम से उनकी पत्नी का आर्टिफिशियल ज्वेलरी, कॉस्मेटिक और चूड़ियों का कारोबार है। उन्होंने कोठी के गेट के पास ही दोनों के ऑफिस बना रखे हैं। इसके आगे गैलरी हैं। इसमें बेसमेंट है, जहां कर्मचारी जूता बनाने का काम करते हैं। पहली मंजिल पर एक हिस्से में कमरे हैं, जिनमें परिवार रहता है। दूसरे हिस्से में जूता फैक्टरी और गोदाम है।
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जूता फैक्टरी में लगी आग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दूसरी मंजिल की छत पर भी टिनशेड के नीचे जूता बनाने का काम होता है। पिछले हिस्से में प्लॉट है। योगेश राठौर ने बताया कि वह पत्नी के साथ ऑफिस में बैठे हुए थे। कर्मचारी दीपक और राजू पहली मंजिल पर काम कर रहे थे। पहली मंजिल पर आगे के हिस्से में गोदाम से अचानक धुआं निकलने लगा। यह देखकर कर्मचारियों ने शोर मचाया।
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जूता फैक्टरी में लगी भीषण आग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने पहुंचकर दीपक को ऑफिस में बनी सीढ़ी से बाहर निकाल लिया जबकि राजू फंस गया। सीढ़ियों की तरफ आग होने से वो बाहर नहीं आ सका। धुएं से उसे दिक्कत होने लगी। उसने शोर मचाया। इस पर दीपक और योगेश ने पिछले हिस्से में सीढ़ी लगाई। तब राजू को 15 मिनट बाद बाहर निकाल लिया गया। वहीं बेटों को भी सीढ़ियों के रास्ते से बाहर निकाल लिया।
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जूता फैक्टरी में लगी आग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुछ ही देर में आग फैल गई। आसपास इलाके में अफरातफरी मच गई। लोग घरों से बाहर निकल आए। सूचना पर 15 मिनट बाद दमकल की छह गाड़ियां पहुंच गईं। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। पुलिस ने रास्ता रोककर लोगों को आग के करीब जाने से रोका।