साल 2018 में आगरा में ऐसी घटनाएं हुईं, जो बदनुमा दाग से कम नहीं हैं। जहां 18 दिसंबर को हुई दो घटनाओं ने ताजनगरी समेत पूरे देश को झकझोर दिया तो वहीं साल के बाकी दिन भी सुकून से नहीं गुजरे। हर माह कोई न कोई ऐसी घटना हुई, जो कानून व्यवस्था के मुंह पर तमंचा थी। चाहे वो हिरासत में मौत का मामला हो या फिर खाकी के वेश में लुटेरे।
जानिए कब कब हुई यह शर्मनाक घटनाएं...
साल 2018 की ये 10 घटनाएं, ताजमहल के शहर पर बदनुमा दाग से कम नहीं
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संजलि हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
संजलि हत्याकांड
18 दिसंबर, 2018...यह तारीख भुलाए नहीं भूली जाएगी। इस तारीख को ताजनगरी में दिल दहला देने वाली वारदात हुई। स्कूल से लौट रही 10वीं की छात्रा संजलि को जिंदा जला दिया गया। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई। संजलि को किसी और ने नहीं बल्कि उसके ताऊ के लड़के योगेश ने जिंदा जलाया था। संजलि हत्याकांड ने केवल आगरा में ही नहीं पूरे देश को झकझोर दिया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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बीटेक की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म
आगरा में 18 दिसंबर को ही बीटेक की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई। इस घटना के चारों आरोपी पास के ही गांव बहादुरपुर के निकले। पीड़िता अपने दोस्त के साथ स्कूटी से जा रही थी। रास्ते में चार युवकों दोनों को पकड़ लिया। मारपीट की। इसके बाद छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म किया। इस मामले में चारों आरोपी जेल जा चुके हैं। यह घटना ने दिल्ली के निर्भयाकांड जैसी थी।
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घर में लटके मिले मां और तीन बच्चों के शव
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तीन बच्चों की हत्या के बाद मां ने की खुदकुशी
23 दिसंबर थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव नगला गड़रिया में हुई घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। यहां तीन बच्चों की हत्या कर मां ने खुदकुशी कर ली। घर में चारों के शव फंदे से लटके मिले। एक ही साड़ी के टुकड़े कर चारों फंदे बनाए गए थे।
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थाना सिकंदरा
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थाने में राजू गुप्ता की मौत
सिकंदरा थाना की हिरासत में 22 नवंबर को गैलाना रोड निवासी युवक राजू गुप्ता की मौत हो गई। उसे बेरहमी से पीटा गया। एफआईआर में नामजद कराए गए पड़ोसी कारोबारी अंशुल और विवेक परिवार। विवेक को पुलिस ने पकड़ लिया। दरोगा अनुज सिरोही का नाम बाद में खोला गया। अंशुल और अनुज अभी तक फरार हैं। अंशुल मथुरा के एक विधायक का रिश्तेदार है। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए गंभीरता से प्रयास नहीं कर रही है।