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जोंस मिल: प्रशासन ने नहीं लिया जमीन पर कब्जा, सरकारी जमीन पर चल रहीं ट्रांसपोर्ट कंपनियां

Mon, 17 Aug 2020 10:22 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 17 Aug 2020 10:22 AM IST
सार

नहर की जमीन पर खड़ा हुआ आस्था सिटी सेंटर, एडीएम ने कहा-ध्वस्त किए जाएंगे अवैध निर्माण

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Jones Mill Scam On Govrnment Land
जोंस मिल - फोटो : अमर उजाला
आगरा जोंस मिल में सरकारी जमीन पर ट्रांसपोर्ट कंपनियां और गोदाम चल रहे हैं। ऐसा इसलिए हो पा रहा है क्योंकि प्रशासन ने सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं लिया है जबकि बैनामों के साथ निर्माण पर रोक लगाई जा चुकी है। आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि जिन 23 खसरों में सरकारी संपत्ति बताई गई है, उस जमीन पर 350 से अधिक ट्रांसपोर्ट कंपनियां चल रही हैं। 1200 से ज्यादा गोदाम हैं। कई बाजार का काफी हिस्सा यमुना डूबक्षेत्र तक है।
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जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह - फोटो : अमर उजाला
डीएम प्रभु एन सिंह के आदेश पर यहां 23 खसरों में 128 बीघा भूमि की जांच एडीएम प्रशासन की कमेटी कर रही है। यहां कमेटी तीन निर्माणाधीन अपार्टमेंट पर रोक लगा दी है। जमीनों की खरीद-फरोख्त भी प्रतिबंधित है।
Jones Mill Scam On Govrnment Land
जोंस मिल के इस हिस्से में हुआ था ब्लास्ट - फोटो : अमर उजाला
जोंस मिल, कृष्णा नगर, आस्था सिटी सेंटर के पीछे यमुना तलहटी तक अवैध निर्माण हो चुके हैं। कई संपत्तियां यहां तीन-तीन बार बिक गई हैं। एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव ने बताया कि अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
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जोंस मिल में सरकारी जमीन - फोटो : अमर उजाला
नहर की जमीन पर खड़ा हुआ आस्था सिटी सेंटर
जोंस मिल में सिंचाई विभाग की नहर भी बिक गई। करीब 5016 वर्ग मीटर भूमि के अवैध बैनामे हो गए। यहां आस्था सिटी सेंटर खड़ा है। एडीएम प्रशासन का कहना है कि नहर की भूमि पर हुए बैनामे खारिज होंगे। साथ ही प्रशासन यहां 1.6 हेक्टेयर नजूल व बंजर भूमि पर कब्जा लेगा।
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जोंस मिल में पड़ा मलबा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
आस्था सिटी सेंटर के पीछे के हिस्से निर्माण पहले से प्रतिबंधित है। सिंचाई विभाग ने भी इस संबंध में सेंटर को नोटिस जारी किए थे। जांच कमेटी ने रविवार को अपनी रिपोर्ट एडीएम प्रशासन को सौंप दी। रविवार रात नौ बजे तक चली बैठक में अवैध कब्जों को ध्वस्त कर सरकारी संपत्ति पर कब्जा लेने का निर्णय हुआ है। एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव ने बताया कि डीएम के आदेश के बाद सोमवार से कार्रवाई शुरू हो सकती है। नहर की भूमि पर अवैध दस्तावेजों से बैनामे हुए हैं। प्रशासन पहले खसरा नंबर 1739 और 2078 में सरकारी संपत्ति पर कब्जा लेगा।
 
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