आगरा के थाना जगदीशपुरा पुलिस की हिरासत में सफाईकर्मी अरुण नरवार की मौत हुई। हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मगर, नामजदगी किसी की नहीं हुई। आरोपी पुलिसकर्मी अब तक चिह्नित नहीं हुए हैं। इससे परिजन एक ही सवाल कर रहे हैं कि इंसाफ कब मिलेगा ? कासगंज पुलिस भी सिर्फ बयान-बयान खेल रही है।
थाना जगदीशपुरा के मालखाना से 25 लाख की चोरी की घटना हुई थी। पुलिस ने पुल छिंगामोदी निवासी अरुण नरवार को पकड़ा। उससे पूछताछ की। इस दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर पिटाई के आरोप लगाए। मां का कहना था कि बेटा कुछ पुलिसवालों के नाम बताता, उससे पहले उसकी जान ले ली गई। मुकदमे की जांच कासगंज पुलिस को दी गई। मगर, अब तक जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है।
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कासगंज पुलिस की गाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस टीम दो बार पीड़ित परिवार से मिली। पूछताछ करके चली गई। परिजनों का कहना है कि आरोपी पुलिसकर्मियों को चिह्नित तक नहीं किया गया है। अब तक किसी पुलिसकर्मी से पूछताछ नहीं हुई है। थाना के सीसीटीवी फुटेज तक नहीं देखे गए।
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आगरा: कागजों की पड़ताल करती कासगंज पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
अवधपुरी चौकी तक पर पुलिस टीम नहीं गई। पुलिस ने सिर्फ पत्रावलियों का अवलोकन किया है। केस के विवेचक ढोलना थाना के प्रभारी निरीक्षक ओपी सिंह का कहना है कि विवेचना चल रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें विवेचना में शामिल किया जाएगा।
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पति अरुण की तस्वीर लेकर बैठी सोनम
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज पुलिस ने अभी तक पीड़ित परिजनों के बयान दर्ज नहीं किए हैं। सूत्रों के अनुसार जल्द ही पुलिस उनके बयान दर्ज करने आ सकती है। इसके साथ ही मृतक के भाइयों, मां और अन्य परिवार के लोगों के बयान कोर्ट में भी दर्ज करा सकती है।
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पीड़ित परिवार से मिले सपा नेता
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समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव जुगल किशोर वाल्मीकि ने बृहस्पतिवार को पुलिस हिरासत में दम तोड़ने वाले सफाईकर्मी अरुण के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी। उन्होंने पीड़ित परिवार की हर मदद का भरोसा दिया। न्याय दिलाने के लिए मामले की सीबीआई जांच या हाईकोर्ट जज की निगरानी में जांच कराने की मांग की।