आधे शहर में बुधवार की शाम को हुई जोरदार बारिश में एक बार नालों की सफाई की कलई खुल गई। कई जगह नाले ओवरफ्लो हुए तो सड़कें भी पानी में डूब गईं। बालूगंज, ताजगंज, फतेहाबाद रोड, शमसाबाद रोड पर जलभराव हो गया। शमसाबाद रोड पर डबल पेट्रोल पंप के सामने जलभराव में सड़क के दोनों ओर के नाले ओवरफ्लो हो गए, जिनमें पांच बाइक सवार गिर गए। उन्हें मौके पर मौजूद निगम के सफाईकर्मियों और दुकानदारों ने किसी तरह बाहर निकाला। वहीं सीएम ग्रिड की अधूरी सड़क पर एंबुलेंस और कारें फंस गईं।
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नाले में गिरा बाइक सवार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शमसाबाद रोड स्थित राजपुर चुंगी में डबल पेट्रोल पंप पर दो नाले गुजर रहे हैं। बारिश में जलभराव हुआ तो सड़क और नालों के बीच अंतर समझ पाना मुश्किल हो गया। मंदिर के पास बने नाले के किनारे से निकल रहे बाइक सवार युवक इसमें गिर गए। नाले में बाइक गिरने से वह फंस गए। पास में ही नाले से फ्लोटिंग कचरा निकाल रहे निगम के सफाईकर्मी दौड़कर पहुंचे और दोनों युवकों को बाहर निकाला।
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नाले में गिरा बाइक सवार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चंद मिनट बाद ही दो अन्य युवक और फिर इसके 10 मिनट बाद एक बाइक सवार युवक भी नाले में जा गिरा। इन सभी को क्षेत्रीय दुकानदारों ने बाहर निकाला। पांचों युवकों के हाथ, कोहनी और पैरों में चोटें आई हैं। इस सड़क पर एक फीट तक पानी देर रात तक भरा रहा, जिसे निकालने के लिए पंप लगाया गया।
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नाले में गिरा बाइक सवार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीएम ग्रिड की सड़क धंसने से फंसी एंबुलेेंस और कारें
अमर होटल से इंद्रापुरम के बीच बनाई जा रही सीएम ग्रिड की सड़क उपाध्याय हॉस्पिटल के सामने धंस गई। तेज बारिश के कारण यहां मिट्टी धंसने लगी, जिसमें बाहर खड़ी एंबुलेंस और तीमारदारों की तीन कारें फंस गईं। इन्हें बाहर निकालने के लिए अस्पताल कर्मचारियों को काफी देर तक मशक्कत करनी पड़ी। कीचड़ और फिसलन होने के कारण पूरे क्षेत्र में पैदल निकलना भी लोगों के लिए मुहाल हो गया। बसई से इंद्रापुरम रोड समेत शहर में सीएम ग्रिड की सभी सड़कों के निर्माण की मंगलवार को ही मंडलायुक्त ने समीक्षा की थी, जिसमें भ्रष्टाचार की परतें उधड़ कर सामने आ गईं। बसई रोड के सैंपल की जांच में यह फेल पाए गए।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लोगों ने बयां की पीड़ा
शमशाबाद रोड निवासी ज्ञानेंद्र शर्मा ने बताया कि राजपुर चुंगी से बरौली अहीर तक सड़क एक से दो फीट पानी में डूबती है। दोनों ओर नाले हैं लेकिन जलभराव कम नहीं हुआ। नाले में बाइक सवारों की जगह बच्चे गिर जाते तो डूब सकते थे।