{"_id":"5978b6c24f1c1b5b3f8b4622","slug":"hariyali-teej-celebration-in-bankebihari-temple-vrindavan","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"स्वर्ण हिंडोले में विराजे ठाकुर बांकेबिहारी , तीज पर धर्मनगरी में खिला भक्ति का रंग, ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वर्ण हिंडोले में विराजे ठाकुर बांकेबिहारी , तीज पर धर्मनगरी में खिला भक्ति का रंग,
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
हरियाली तीज के पर्व पर जब ब्रज के लाडले ठाकुर श्रीबांकेबिहारी जी महाराज स्वर्ण हिंडोले में विराजे तो भक्तों में अपने आराध्य को भक्ति की डोर से झुलाने की होड़ लग गई। श्रद्घालुओं के प्रेम का कोई ठिकाना न रहा। हर कोई आराध्य को देख लेने की आशा लिए मंदिर पहुंचा था। भीड़ देख लग रहा था जैसे मंदिर प्रांगण में आस्था का समुद्र उमड़ पड़ा हो।
2 of 7
बांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार की शाम 4 बजे जैसे ही मंदिर के पट खुले, वैसे ही जयकारों के साथ जन समुद्र मंदिर में प्रवेश कर गया। ठाकुर बांके बिहारी के जयकारों का उद्घोष आस्था के सागर को प्रमाणित कर रहा था। मंदिर में सुगंधित पुष्पों से आ रही भीनी भीनी सुगंध श्रद्घालुओं का मन आनंदित कर रही थी। दर्शन का यह सिलसिला मध्यरात्रि तक अनवरत जारी रहा।
3 of 7
बांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
इससे पूर्व दोपहर से ही श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। पहली झांकी की चाहत लिए मंदिर के बाहर भक्तों के हुजूम ने डेरा डाल दिया था। महिलाएं मंगलगीत और बधाई गाते हुए पट खुलने का इंजतार करती दिखाई दीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 7
बांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
शाम चार बजे तक मंदिर के सभी प्रवेश गेटों पर भक्त ही भक्त दिख रहे थे। जैसे ही मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। हरे वस्त्र और स्वर्ण आभूषण धारण किए ठाकुरजी भी स्वर्ण हिंडोले में विराज होकर भक्तों को दर्शन दे रहे थे। प्रभु की झलक देखते ही श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर आराध्य के जयकारे लगाए। इस दौरान संपूर्ण वातावरण बांके बिहारी की जयकारों से गुंजायमान रहा।
विज्ञापन
5 of 7
बांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि वर्षभर में सिर्फ एक बार स्वर्ण हिंडोले में भक्तों को दर्शन देने के बाद ठाकुर बांके बिहारी जी महाराज रात 12 बजे आरती के बाद थककर सुखसेज पर विश्राम करते हैं। मंदिर सेवायत रघु गोस्वामी ने बताया कि सुखसेज पर ठाकुरजी सेवा में रजत कलश में जल, पान का बीड़ा, रजत कंघी, आदमकद रजत आइना तथा लड्डू आदि निवेदित किए जाते हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।