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'भूख से बेटी की मौत, तब घर पहुंचा सरकारी राशन', दिल को झकझोर देगी गरीब मां की कहानी

Mon, 24 Aug 2020 10:42 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 24 Aug 2020 10:42 AM IST
सार

  • बच्ची का पिता बीमार, मां करती है मेहतन-मजदूरी
  • नोटबंदी में चली गई थी आठ साल के बेटे की जान

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Five year old girl dies of hunger in agra uttar pradesh
बच्ची का फाइल फोटो और उसकी मां - फोटो : अमर उजाला

आगरा जिले में दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। बरौली अहीर ब्लॉक के नगला विधिचंद में शनिवार को पांच वर्षीय बच्ची सोनिया की मौत हो गई। उसकी मौत होने पर मां शीला देवी ने कहा कि उसकी जान भूख से गई है। भूख के कारण वो कमजोर हो गई और बुखार आ गया। हालांकि उसके घर राशन सामग्री लेकर पहुंचे तहसीलदार प्रेमपाल सिंह ने बताया कि बच्ची की मौत भूख से नहीं, बीमारी के कारण हुई है।

Five year old girl dies of hunger in agra uttar pradesh
गरीब शीला देवी का घर - फोटो : अमर उजाला
सांस की बीमारी से जूझ रहे पप्पू की 40 वर्षीय पत्नी शीला देवी ने बताया कि सोनिया की मौत शनिवार को हो गई। उसे तीन दिन से तेज बुखार था। बुखार भूखे रहने के कारण हुआ। महीनेभर से घर में राशन नहीं था। 15 दिन पड़ोसियों से मांगकर गुजारा किया। पिछले कुछ दिनों से घर में एक दाना नहीं था। खाना न मिलने के कारण बच्ची बहुत कमजोर हो गई थी। तीन दिन पहले उसे बुखार आया। पीली पड़ गई थी, लग रहा था कि उसमें खून की कमी हो गई है। पैसे न होने की वजह से ही उसे डॉक्टर के पास नहीं ले गए।
Five year old girl dies of hunger in agra uttar pradesh
टोरंट पावर ने बिजली काटी - फोटो : अमर उजाला
मजदूरी भी नहीं मिल रही
शीला देवी ने बताया कि वह मजदूरी करती हैं। छह महीने से काम नहीं मिला। पहले कभी कभार काम मिल जाता था। लॉकडाउन के बाद से बिल्कुल नहीं मिला। इस कारण घर में तंगी आ गई। तीन दिन पहले सोनिया को बुखार आया। पीली पड़ गई थी, लग रहा था कि उसमें खून की कमी हो गई है। पैसे न होने की वजह से ही उसे डॉक्टर के पास नहीं ले गए।

राशन कार्ड नहीं बना है
शीला ने बताया कि राशन डिपो पर मुफ्त में गेहूं-चावल मिल रहा है लेकिन उनका राशन कार्ड नहीं बना है। इस कारण उन्हें यह नहीं मिल पाया। तहसीलदार ने बताया कि आवेदन न करने के कारण राशन कार्ड नहीं बना। यह अब प्राथमिकता पर बनवाया जाएगा।
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मौत के बाद घर पहुंचाया सरकारी राशन - फोटो : अमर उजाला
50 किलो आटा, 40 किलो गेहूं दिए
बच्ची की मौत की सूचना पर डीएम प्रभु एन सिंह ने तहसीलदार प्रेम पाल सिंह को भेजा। तहसीलदार ने बताया कि उनकी बच्ची के माता-पिता और आसपास के लोगों से बात हुई है। बच्ची को तेज बुखार था। इसी से जान गई है। भूख से मौत नहीं हुई है। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है। यह देखते हुए 50 किलो आटा, 40 किलो चावल, तेल आदि दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।

नोटबंदी के दौरान बेटे की जान गई थी
शीला देवी ने बताया कि चार साल पहले नोटबंदी में भी हमने ऐसे ही दिन देखे थे। तब भी काम छिन गया था। आठ साल के बेटे की बीमारी से मौत हो गई थी। आर्थिक स्थिति बहुत खराब है।
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बच्ची की मां शीला देवी (लाल साड़ी में) - फोटो : अमर उजाला
तीन साल से कटी है बिजली
शीला देवी ने बताया कि तीन साल पहले टोरंट पॉवर ने बिल जमा नहीं करने पर बिजली काट दी। दोबारा कनेक्शन नहीं जुड़वा सकी। एक किलो वॉट कनेक्शन था। 18 सितंबर, 2017 को 255 रुपये बिल भरा था। अगले महीने से 400 रुपये का बिल आया, जो मैं भर नहीं सकी। पुराना बकाया मिलाकर टोरंट ने 7,732 रुपये बिल भेजा है। कहां से जमा करें, जब हमारे पास खाने के लिए पैसा नहीं।

सीएमओ ने कहा, उल्टी-दस्त से हुई मौत
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडे ने बताया कि बच्ची की मौत की सूचना पर टीम भेजी गई थी। बच्ची की मां से भी बात हुई। तीन दिन पहले बच्ची को दूध दिया था। इसके बाद उसे उल्टी-दस्त लग गए और कमजोरी आ गई। इसी से मौत हुई है।
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