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डॉ. योगिता हत्याकांड: हत्यारोपी डॉक्टर पर 16 दिसंबर को तय होंगे आरोप, अदालत में वकीलों ने दी ये दलीलें
Tue, 08 Dec 2020 12:39 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 08 Dec 2020 12:39 PM IST
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डॉक्टर विवेक तिवारी व डॉक्टर योगिता
- फोटो : अमर उजाला
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एसएन मेडिकल कॉलेज की छात्रा डॉक्टर योगिता गौतम की हत्या के केस में 16 दिसंबर को हत्यारोपी डॉ. विवेक तिवारी पर आरोप तय किए जाएंगे। मामले में सोमवार को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की कोर्ट में सुनवाई हुुई। इस दौरान बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि अभियुक्त के ऊपर अपहरण, जान से मारने की धमकी और एससी-एसटी एक्ट की धारा नहीं बनती हैं।
योगिता की हत्या का आरोपी डॉक्टर विवेक तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी हेमंत दीक्षित ने कोर्ट में मृतका का जाति प्रमाणपत्र और स्कूल का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। कहा कि मृतका अनुुसूचित जाति की थी। उसको आरोपी कार में अपहरण करके ले गया। आरोपी डॉ. विवेक तिवारी ने योगिता को हत्या से पहले जान से मारने और डॉक्टर की डिग्री निरस्त कराने की धमकी दी थी।
आरोपी डॉक्टर विवेक तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोप पर आदेश करने के लिए 16 दिसंबर की तिथि नियत की। इस दौरान एडीजीसी हेमंत दीक्षित के साथ अधिवक्ता एसएस चौहान, विजय आहूजा मौजूद रहे। सुनवाई के दौरान आरोपी डॉ. विवेक तिवारी को भी जेल से कोर्ट लगाया गया।
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योगिता की हत्या का आरोपी डॉक्टर विवेक तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि दिल्ली के नजफगढ़ स्थित शिवपुरी निवासी डॉ. योगिता गौतम एसएन मेडिकल कालेज में पीजी की छात्रा थीं। वह 18 अगस्त की शाम को लापता हो गईं थीं। उनकी जान पहचान उरई के मेडिकल अफसर डॉ. विवेक तिवारी से थी। इस पर परिजनों ने डॉ. विवेक तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें अपहरण और जान से मारने की धमकी देने की धारा भी लगी थीं।
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योगिता का हत्यारोपी विवेक तिवारी और योगिता का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
19 अगस्त को डौकी थाना क्षेत्र में डॉ. योगिता की लाश बरामद हुई थी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया था। कानपुर निवासी डॉ. विवेक तिवारी को गिरफ्तार किया था। मेडिकल की पढ़ाई के दौरान वह डाक्टर योगिता का सीनियर रहा था। पुलिस ने मुकदमे में डाक्टर विवेक तिवारी के खिलाफ हत्या, साक्ष्य नष्ट करने और एससी/एसटी एक्ट की धारा बढ़ाई थी।