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एपिकॉन-2020 में बोले विशेषज्ञ: दवाओं से सिर्फ बीमारी पर नियंत्रण, स्वस्थ रहना है तो अपनाए यह मंत्र
Fri, 10 Jan 2020 12:19 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 10 Jan 2020 12:19 AM IST
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डॉ. अरुण राज सुंदरम
- फोटो : अमर उजाला
एपिकॉन-2020 में जुटे चिकित्सकों ने मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग की बीमारियों से बचने के लिए फिटनेस का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि दवाओं से मर्ज का नियंत्रण संभव है। ये बीमारी नहीं हों, इसके लिए स्वस्थ दिनचर्या ही अंतिम उपाय है। तेल, चीनी, नमक का उपयोग कम करना होगा और व्यायाम-योग की आदत डालनी होगी। बृहस्पतिवार को कॉन्फ्रेंस का समापन हो गया।
आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में चार दिन तक चली कॉन्फ्रेंस में 1100 चिकित्सकों ने मधुमेह, उच्च रक्तचाप, डेंगू, संक्रामक रोग, हृदय रोग, लकवा, किडनी समेत अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज और बचाव पर नई जानकारियां दी। चिकित्सकों ने बताया कि हर तीसरा मरीज मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग का है।
एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन ने डॉ. अरुण राज सुंदरम ने कहा कि दवाओं से मर्ज नियंत्रण ही हो पा रहा है, इन बीमारियों की रोकथाम स्वस्थ दिनचर्या और खानपान से ही संभव है। एपीआई के पूर्व अध्यक्ष डॉ. केके पारीख ने कहा कि नमक, चीनी और तेल का कम से कम इस्तेमाल और 40-45 मिनट व्यायाम, योग-ध्यान से ही इनसे बचा जा सकता है। इससे 60-70 साल तक बेहतर जीवन गुजार सकते हैं।
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आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में चार दिन तक चली कॉन्फ्रेंस में 1100 चिकित्सकों ने मधुमेह, उच्च रक्तचाप, डेंगू, संक्रामक रोग, हृदय रोग, लकवा, किडनी समेत अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज और बचाव पर नई जानकारियां दी। चिकित्सकों ने बताया कि हर तीसरा मरीज मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग का है।
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एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन ने डॉ. अरुण राज सुंदरम ने कहा कि दवाओं से मर्ज नियंत्रण ही हो पा रहा है, इन बीमारियों की रोकथाम स्वस्थ दिनचर्या और खानपान से ही संभव है। एपीआई के पूर्व अध्यक्ष डॉ. केके पारीख ने कहा कि नमक, चीनी और तेल का कम से कम इस्तेमाल और 40-45 मिनट व्यायाम, योग-ध्यान से ही इनसे बचा जा सकता है। इससे 60-70 साल तक बेहतर जीवन गुजार सकते हैं।
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डायबिटीज फोरम के डॉ. सुनील बंसल ने 45 साल की उम्र में महिलाओं को मीनोपॉज होता है, हार्मोंस के गड़बड़ाने से 20 फीसदी महिलाएं मधुमेह का शिकार हो जाती हैं। डॉ. अंजना पांडे ने बताया कि गठिया से पीड़ित महिलाओं के गर्भधारण के छह माह पूर्व दवाएं बंद कर देते हैं।
मुंबई के डॉ. विक्रम ने कहा कि एक प्रतिशत लोग गठिया के पीड़ित हैं, इसकी वजह मधुमेह, मांसाहार भोजन, संक्रमण, कुष्ठ रोग भी हो सकता है। समापन पर सभी को प्रमाणपत्र और प्रशस्ति पत्र दिए गए। एपिकॉन-2020 में 50 देशों के 1200 से अधिक चिकित्सक शामिल हुए। इसमें 1250 शोध पत्र पढ़ गए।
ये सुझाव भी दिए
- हरी सब्जी, सलाद, फल, दालें और मोटा आहार लें।
- कोल्ड ड्रिंक, फास्ट फूड और तली सामग्री से बचें।
- 35-40 साल की उम्र पर मधुमेह, बीपी, हार्ट की जांच।
- साइकिल चलाएं या फिर 40-45 मिनट तक तेज गति से चलें।
- जल्दी सोएं, जल्दी जागें, तनाव से बचें, संगीत सुनें।
मुंबई के डॉ. विक्रम ने कहा कि एक प्रतिशत लोग गठिया के पीड़ित हैं, इसकी वजह मधुमेह, मांसाहार भोजन, संक्रमण, कुष्ठ रोग भी हो सकता है। समापन पर सभी को प्रमाणपत्र और प्रशस्ति पत्र दिए गए। एपिकॉन-2020 में 50 देशों के 1200 से अधिक चिकित्सक शामिल हुए। इसमें 1250 शोध पत्र पढ़ गए।
ये सुझाव भी दिए
- हरी सब्जी, सलाद, फल, दालें और मोटा आहार लें।
- कोल्ड ड्रिंक, फास्ट फूड और तली सामग्री से बचें।
- 35-40 साल की उम्र पर मधुमेह, बीपी, हार्ट की जांच।
- साइकिल चलाएं या फिर 40-45 मिनट तक तेज गति से चलें।
- जल्दी सोएं, जल्दी जागें, तनाव से बचें, संगीत सुनें।