आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की पीजी छात्रा डॉ. योगिता गौतम की हत्या के मामले की कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस बीच छात्रा के पिता ने आरोप लगाया है कि आरोपी पक्ष उन्हें धमका रहा है। दस दिन पहले सुनवाई के बाद उनके बेटे डॉ. मोहिंद्र गौतम को आरोपियों ने पीटा। इससे उनके हाथ में चोट लग गई। उन्होंने सोमवार को एसएसपी ऑफिस में प्रार्थनापत्र देकर उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है। साथ ही केस की तारीख पर सुरक्षा प्रदान करने को कहा है। एसएसपी ने थाना पुलिस को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नई दिल्ली के नजफगढ़ निवासी अंबेश कुमार गौतम नवोदय विद्यालय शिक्षा समिति, शिक्षा मंत्रालय में उपायुक्त के पद पर कार्यरत हैं। उनके बेटे डॉक्टर मोहिंद्र कुमार गौतम नई दिल्ली नगर पालिका के अस्पताल में सीनियर रेजीडेंट हैं। अंबेश कुमार ने सोमवार को एसएसपी से मुलाकात की। प्रार्थनापत्र देकर कहा कि बेटी डॉक्टर योगिता गौतम एसएन मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति विभाग में डॉक्टर थीं। 18 अगस्त 2020 उनकी हत्या कर दी गई थी। मामले में आरोपी विवेक तिवारी को पुलिस ने जेल भेजा था।
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योगिता गौतम के पिता अंबेश कुमार गौतम
- फोटो : अमर उजाला
योगिता हत्याकांड केस की सुनवाई कोर्ट में चल रही है। छह अगस्त को बेटे डॉ. मोहिंद्र गौतम के साथ अंबेश कुमार गौतम कोर्ट आए थे। कोर्ट में आरोपी पक्ष के कुछ लोग भी आए हुए थे। कोर्ट में सुनवाई के बाद बाहर आते ही दीवानी परिसर में आरोपी पक्ष ने बेटे को घेर लिया। गालीगलौज के साथ जातिसूचक शब्द बोले। वह आए तो उन्हें भी घेर लिया गया।
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योगिता गौतम के पिता अंबेश कुमार गौतम
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी पक्ष के लोगों ने झुंड बनाकर बेटे और परिवार के एक सदस्य पर हमला बोला, जिससे बेटे के हाथ में चोट लग गई। अंबेश कुमार ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में कहा कि वह दिल्ली से आगरा आते हैं। इस दौरान उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए, जिससे वह न्याय पा सकें। एसएसपी मुनिराज जी का कहना है कि पीड़ित ने शिकायत की है। गवाह से मारपीट का आरोप लगाया है। इस मामले में जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। गवाह को सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
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जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
18 अगस्त 2020 को डा. योगिता गौतम की हत्या कर दी गई थी। वह एसएन मेडिकल कॉलेज से पीजी कर रही थीं। नूरी गेट स्थित एक घर में किराये पर रहती थीं। घटना वाले दिन लापता हो गई थीं। दूसरे दिन उनका शव फतेहाबाद क्षेत्र में बमरौली कटारा चौकी क्षेत्र में खेत में पड़ा मिला था। उनको गोली मारी गई थी। इस मामले में परिजनों ने जालौन के उरई में मेडिकल ऑफिसर विवेक तिवारी के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। शव मिलने पर पहचान के बाद पुलिस ने विवेक तिवारी को गिरफ्तार किया था।
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योगिता की हत्या का आरोपी डॉक्टर विवेक तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का दावा था कि डॉ. योगिता गौतम की हत्या विवेक तिवारी ने गोली मारकर की थी। इसके बाद शव को खेत में फेंककर भाग गया था। उसने अपने रिटायर्ड सीओ पिता की लाइसेंसी बंदूक से वारदात को अंजाम दिया। डॉ. योगिता और विवेक तिवारी एक साथ पढ़े थे। दोनों अक्सर मिलते थे। शादी से इनकार पर हत्याकांड को अंजाम दिया गया। पुलिस ने चार्जशीट में 15 से अधिक गवाह बनाए हैं।