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CoronaVirus in Agra: 'आगरा मॉडल' पर उठे सवाल, एक ही दिन में 39 संक्रमित मिले
Tue, 14 Apr 2020 08:52 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 14 Apr 2020 08:52 AM IST
सार
संख्या 144 पहुंची, सीकरी में एक ही परिवार के 14 मरीज
- 24 घंटे में 51 संक्रमित मिले, 10 मैनपुरी भेजे गए
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आगरा में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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ताजनगरी में सोमवार को 39 और कोरोना संक्रमित मिले जिससे कुल संख्या 142 पहुंच गई है। नए मरीजों में से 10 को मैनपुरी शिफ्ट किया गया है। इससे पहले दस मथुरा भेजे जा चुके हैं। नए मरीजों में सीकरी में गाइड और उसके परिवार के 13 लोग संक्रमित मिले हैं। गाइड का बेटा मुंबई से लौटा था। इनके अलावा जमातियों के संपर्क के आठ और संक्रमित मिले हैं। इनकी कुल संख्या 60 हो गई है। वहीं अस्पतालों के माध्यम से संक्रमित हुए लोगों की संख्या भी 40 पहुंच गई है। अकेले पारस हॉस्पिटल से 20 संक्रमित हुए हैं। रविवार को 12 लोग संक्रमित मिले थे। इस तरह दो दिन में 51 संक्रमित मिल चुके हैं। मार्च से अब तक इससे पहले एक ही दिन में कभी इतने कभी नहीं मिले। इससे उस आगरा मॉडल पर सवाल उठने लगे हैं जिसे केंद्र सरकार पूरे देश में लागू करना चाहती है।
मेडिकल कॉलेज में जिलाधिकारी, साथ में स्वास्थ्य विभाग की टीम
- फोटो : अमर उजाला
तीन मार्च को संक्रमण की शुरुआत हुई थी। तब से अब तक एक ही दिन में 39 मरीज पहली बार मिले हैं। इससे पहले चार अप्रैल को 25 मिले थे। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि अब प्रशासन का फोकस संक्रमित लोगों के संपर्क में आए ज्यादा से ज्यादा लोगों के सैंपल लेकर जांच कराने पर है। इन सभी को क्वारंटीन किया जाएगा ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। अब तक 2264 लोगों के सैंपल लेकर जांच कराई जा चुकी है। चिकित्सकों का कहना है कि जमातियों को ट्रेस करने में प्रशासन से चूक हुई। इनसे ही अस्पतालों में संक्रमण पहुंचा। हालांकि अभी भी देर नहीं हुई है। अगर हर संदिग्ध की सैंपलिंग हो जाए तो हालात काबू में रह सकते हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मौजूदा अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी ने बताया कि संक्रमण की दो वजह सामने आई हैं। एक तो जमाती और दूसरे अस्पताल लेकिन गौर से देखा जाए तो अस्पतालों में संक्रमण जमातियों और उनके संपर्क में आए लोगों से ही पहुंचा।
पारस अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
अगर प्रशासन ने जमातियों को पहले ही ट्रेस कर क्वारंटीन कर लिया होता तो संक्रमण की रफ्तार इतनी तेज न होती। अगले वर्ष (2021) के लिए निर्वाचित आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि अभी भी स्थिति को काबू किया जा सकता है। जो लोग संक्रमित मिले हैं, उनके संपर्क के सभी लोग क्वारंटीन किए जाएं और सभी के सैंपल लिए जाएं। इससे संक्रमण फैलने से रुक जाएगा।
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आगरा के जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
सबसे ज्यादा सैंपल लिए हैं
आगरा मॉडल पर उठ रहे सवालों पर उनका कहना है कि मरीजों की संख्या सैंपल ज्यादा लेने से बढ़ी है। यह जरूरी है कि हर संदिग्ध का सैंपल हो। पूरे राज्य में आगरा सैंपल लेकर जांच कराने में सबसे आगे है। डीएम का यह भी कहना है कि आगरा मॉडल की यह खूबी है कि इतने मरीजों में से एक भी अचानक से नहीं आया। जो भी संक्रमित मिले हैं, उनकी हिस्ट्री पहले से ही हमारे पास थी। वे जिन मरीजों के संपर्क में आए, उन सभी को पहले से ही भर्ती किया जा चुका था।
आगरा मॉडल पर उठ रहे सवालों पर उनका कहना है कि मरीजों की संख्या सैंपल ज्यादा लेने से बढ़ी है। यह जरूरी है कि हर संदिग्ध का सैंपल हो। पूरे राज्य में आगरा सैंपल लेकर जांच कराने में सबसे आगे है। डीएम का यह भी कहना है कि आगरा मॉडल की यह खूबी है कि इतने मरीजों में से एक भी अचानक से नहीं आया। जो भी संक्रमित मिले हैं, उनकी हिस्ट्री पहले से ही हमारे पास थी। वे जिन मरीजों के संपर्क में आए, उन सभी को पहले से ही भर्ती किया जा चुका था।
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क्वारंटीन में जमाती (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
बदली रणनीति: मरीजों के संपर्क में आए लोगों को अब पुलिस भेजेगी क्वारंटीन सेंटर
डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि 24 घंटे में 46 केस मिलने के बाद संक्रमण फैलने से बचाने की रणनीति बदल ली गई है। अब मरीजों के संपर्क में आए लोगों को उनके घर में ही क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। सभी को क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा। यह उनकी मर्जी पर नहीं होगा। पुलिस उन्हें सेंटर तक भेजेगी। सैंपल भी उनकी मर्जी पर निर्भर नहीं रहेंगे। जिसमें भी लक्षण होंगे, उनके सैंपल अनिवार्य रूप से लिए जाएंगे। सभी की स्क्रीनिंग की जाएगी।
डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि 24 घंटे में 46 केस मिलने के बाद संक्रमण फैलने से बचाने की रणनीति बदल ली गई है। अब मरीजों के संपर्क में आए लोगों को उनके घर में ही क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। सभी को क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा। यह उनकी मर्जी पर नहीं होगा। पुलिस उन्हें सेंटर तक भेजेगी। सैंपल भी उनकी मर्जी पर निर्भर नहीं रहेंगे। जिसमें भी लक्षण होंगे, उनके सैंपल अनिवार्य रूप से लिए जाएंगे। सभी की स्क्रीनिंग की जाएगी।