मथुरा के थाना नौहझील में तैनात सिपाही आशीष कुमार (25) पुत्र रविंद्र सिंह की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। बताया गया है कि बुधवार की दोपहर डेढ़ बजे आशीष कमरे पर पहुंचा। यहां पर कुलदीप पाठक और पीयूष शर्मा से बोला कि आज तबियत ठीक नहीं है। कुछ ही देर बाद रोहित भी पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों ने कमरा बंद करके बीयर पी। मोबाइल पर युवती से वीडियो कॉलिंग पर बातचीत हो रही थी। इसी बीच आशीष का मोबाइल रोहित ने छीन लिया। वहीं से दोनों में रार हो गई।
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Constable Death: साथी सिपाही के मोबाइल छीनने पर हुई थी रार, पूछताछ में सामने आई ये सच्चाई
Tue, 05 Jul 2022 01:47 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 05 Jul 2022 01:47 PM IST
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Constable Death
- फोटो : अमर उजाला
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जांच करती पुलिस टीम
- फोटो : अमर उजाला
बताया गया है कि रात ढाई बजे रोहित ने कुलदीप और पीयूष को उठाया। अंदर जाकर देखा तो आशीष का शव पंखे से लटका मिला। रोहित ने नौहझील पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पंखे से उतारकर कब्जे में लिया। हालांकि फोरेंसिक टीम ने महत्वपूर्ण तथ्य जुटाए हैं तो पुलिस ने बीयर की केन और मोबाइल को कब्जे में लिया। मोबाइल से ही सिपाही की मौत का राज खुल सकता है। हालांकि पुलिस विभागीय मामला होने के चलते बड़ा ही फूंक-फूंककर कदम रख रही है। पुलिस केवल तहरीर का इंतजार कर रही है। हालांकि आशीष के पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव को लटकाने की बात कही है।
सिपाही का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
तीनों भाइयों में होनहार था आशीष
बेटे की मौत की खबर से मेरठ के बरावली गांव में कोहराम मच गया। तीन भाइयों में सबसे छोटा आशीष काफी होनहार था। साल 2020 में सिपाही बन गया। कड़ी मेहनत वाले आशीष पर दोनों भाइयों का पूरा प्रेम था। पिता टेलर की दुकान करते हैं तो सबसे बड़ा भाई रजनीश कुमार मजदूरी करता है। दूसरे नंबर का पंकज कुमार एंबुलेंस चलाता है। आशीष की मौत पर पिता, मामा और दोनों भाइयों के अलावा ग्रामीण भी पोस्टमार्टम पर पहुंच गए।
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पोस्टमार्टम ग्रह पर पहुंचे परिजन विलाप करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
पिता ने लगाया ये आरोप
यहां पर पिता रविंद्र सिंह का रो-रोकर बुरा हाल था। पिता और दोनों भाई बार-बार हत्याकर शव लटकाए जाने का आरोप लगा रहे थे। पिता और दोनों भाई पछाड़ खाकर गिर रहे थे। हालांकि देर शाम तक कोई तहरीर नहीं दी थी।
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फंदा
- फोटो : फांसी का फंदा